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अयोग्य विधायकों की याचिका पर सुनवाई 23 तक टली

Rajendra Shekhar Vyas

Publish: Sep 17, 2019 22:50 PM | Updated: Sep 17, 2019 22:50 PM

Bangalore

याचिका दायर करने वाले सत्रह विधायकों में शामिल हैं कांग्रेस के प्रताप गौड़ा पाटिल, बी.सी.पाटिल, शिवराम हेब्बार, एस.टी. सोमशेखर, बैरती बसवराज, आनंद सिंह, रोशन बेग, मुनिरत्ना, के. सुधाकर, एमटीबी नागराज, श्रीमंत पाटिल, रमेश जारकीहोली, महेश कुमटहल्ली, आर. शंकर तथा जद-एस के ए.एच. विश्वनाथ, नारायणगौड़ा तथा के. गोपालय्या

बेंगलूरु. कांग्रेस व जनता दल-एस के विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराए गए 17 विधायकों की याचिका पर सुनवाई 23 सितंबर तक टल गई है।
मंगलवार को जब न्यायाधीश एन.वी. रमणा, मोहन शांतगौडऱ व अजय रस्तोगी की सदस्यता वाली पीठ के समक्ष उनकी याचिका पर सुनवाई शुरू हुई तो न्यायाधीश मोहन शांतगौडऱ सुनवाई से हट गए। अब 23 सितंबर को दूसरी पीठ सुनवाई करेगी।
न्यायाधीश शांतगौडऱ ने यह कहते हुए खुद को सुनवाई से अलग कर लिया कि वे कर्नाटक से हैं। हालांकि केस के सभी पक्षों ने कहा कि उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं है लेकिन उन्होंने कहा कि इस केस की सुनवाई करने के लिए उनका जमीर अनुमति नहीं देता है। इससे पहले 12 सितंबर को न्यायाधीश एन.वी. रमणा की अगुवाई वाली पीठ ने तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया था।
याचिका दायर करने वाले सत्रह विधायकों में कांग्रेस के प्रताप गौड़ा पाटिल, बी.सी.पाटिल, शिवराम हेब्बार, एस.टी. सोमशेखर, बैरती बसवराज, आनंद सिंह, रोशन बेग, मुनिरत्ना, के. सुधाकर, एमटीबी नागराज, श्रीमंत पाटिल, रमेश जारकीहोली, महेश कुमटहल्ली, आर. शंकर तथा जद-एस के ए.एच. विश्वनाथ, नारायणगौड़ा तथा के. गोपालय्या शामिल हैं। पूर्व स्पीकर एन. रमेश कुमार ने सभी को दल-बदल विरोधी कानून के तहत विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराया था। विधायकों ने 28 जुलाई 2019 के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।