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Fathers Murder : मोबाइल पर ज्यादा चैटिंग से टोका, बेटी ने चाकू घोपा

Satyendra Porwal

Publish: Aug 21, 2019 00:56 AM | Updated: Aug 21, 2019 01:19 AM

Bangalore

रिश्तों पर वार : नवीं कक्षा में पढऩे वाली बालिका को बार-बार टोकना था नापसंद । पिता की हत्या के आरोप में नाबालिग पुत्री व उसका दोस्त गिरफ्तार। जिसे पता चला रह गया अवाक ।

(बेंगलूरु). पिता की सब हिदायतें बेटी को नापसंद थी। वह इसे अपने अधिकारों का हनन मानने लगी और अंतत: पिता की हत्या कर दी। समय रहते सतर्क होने की जरूरत है वरना वह दिन दूर नहीं जब पाश्चात्य संस्कृति की दौड़ में भारत में ऐसे अपराधों की संख्या बढ़ती ही जाएगी और घर परिवार बिखरने लगेंगे। महानगर बेंगलूरु में शनिवार को हुई इस घटना के बारे में जिसे भी पता चला वही अवाक रह गया कि आखिर पिता-पुत्री के रिश्तों में ऐसी क्या बात गहरा गई कि बेटी ने इतना बड़ा कदम उठा डाला।
हालांकि राजाजीनगर पुलिस ने जयकुमार हत्याकांड मामले को 24 घंटे में सुलझाते हुए हत्या के आरोप में नाबालिग बेटी और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया। यहां रविवार को भाष्यम सर्कल के पास स्थित जयकुमार का शव उनके घर के बाथरूम में मिला था। जयकुमार का पैतृक निवास राजस्थान के जयपुर जिले के मैड गांव है। जानकारी के अनुसार जयकुमार की नवीं कक्षा में पढऩे वाली 15 वर्षीय बेटी अकसर मोबाइल पर चैटिंग करती थी। जयकुमार को यह पसंद नहीं था। उन्होंने कई बार बेटी को मोबाइल का कम इस्तेमाल करने को कहा। यह बात बेटी को बुरी लगती थी।

मां व भाई नहीं थे घर पर, रच डाली साजिश
नाराज बेटी ने दोस्त प्रवीण (18) के साथ मिलकर पिता की ही हत्या की साजिश रची। इसी दौरान शनिवार शाम जयकुमार की पत्नी और बेटा किसी काम से पुडुचेरी चले गए और घर में सिर्फ जयकुमार और उनकी बेटी थी। मौका मिलते ही बेटी ने पिता को किसी पेय पदार्थ में नींद की दवा मिलाकर पिला दी, इससे वे बेहोश हो गए। बाद में बेटी ने प्रवीण को बुला लिया और उसके साथ मिलकर जयकुमार के शरीर को चाकू से गोद दिया।

खून से सने कपड़े वॉशिंग मशीन में धोए, शव को पेट्रोल से लगाई आग
हत्या के सबूत मिटाने के लिए खून से सने कपड़ों को वॉशिंग मशीन में धोने के बाद कमरे में फैला खून साफ किया। शव को बाथरूम में ले जाकर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। इस दौरान उन दोनों के पैर भी आंशिक रूप से झुलस गए। बाद में बेटी ने मदद के लिए शोर मचाया और लोगों को बताया कि पिता बाथरूम में नहाने गए थे। अचानक आग से जल गए।

पहले बोले हुआ शार्ट सर्किट, सख्ती की तो उगला राज
पुलिस उपायुक्त (उत्तर) शशि कुमार ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि लड़की और प्रवीण ने पहले शार्ट सर्किट से आग लगना बताया था। हालांकि जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तब उन्होंने पूरे घटनाक्रम उगल दिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

एक महीने से पिता की हत्या के प्रयास में थी बेटी
राजस्थान मूल के व्यापारी जयकुमार की हत्या के आरोप में गिरफ्तार की गई उसकी नाबालिग बेटी ने खुलासा किया है कि वह पिछले एक महीने से पिता की हत्या की योजना बना रही थी। पुलिस के अनुसार 15 वर्षीय किशोरी ने पिछले कुछ महीनों के दौरान टीवी सीरियल, इंटरनेट और सोशल मीडिया पर हत्या करने के विभिन्न तरीकों की पड़ताल की। बाद में उसने अपने 18 वर्षीय दोस्त के साथ मिलकर हत्या की योजना को अंजाम देने का षडयंत्र रचा लेकिन पिछले एक महीने से वे अपनी योजना में सफल नहीं हो पा रहे थे। दोनों, पिछले महीने जुलाई से ही जयकुमार की हत्या के प्रयास में लगे थे। अंतत: 17 अगस्त को जब लड़की की मां और भाई पुडुचेरी गए तब उसने घर में किसी के नहीं होने का फायदा उठाकर पिता को नींद की गोली देकर बेसुध कर दिया और फिर हत्या कर दी। दोनों ने हत्या को आत्महत्या का रूप देने के प्रयास किए, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए।

नापसंद थी पिता की हिदायतें
बेटी का अक्सर देर तक मोबाइल पर बात करना और चैंटिंग में लगा रहना पिता जयकुमार को पसंद नहीं था। लड़की और गिरफ्तार किए गए उसके मित्र की दोस्ती से भी पिता को आपत्ति थी। इसलिए जयकुमार ने कई बार बेटी को इन सबसे दूर रहने को कहा था। पिता की ये सब हिदायतें बेटी को नापसंद थी। वह इसे अपने अधिकारों का हनन मानने लगी और अंतत: पिता की हत्या कर दी।

हत्या का मलाल नहीं
पिता की हत्या करने का बेटी को फिलहाल कोई मलाल नहीं है। सूत्रों के अनुसार हत्याकांड का खुलासा होने के बाद जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया तब परिवार के सभी लोग अचंभित रह गए। हालांकि परिवारजनों ने उसे पिता के अंतिम संस्कार में भाग लेने को कहा लेकिन लड़की ने इससे साफ इनकार कर दिया।

सवाल जो आगे भी बन सकते हैं बवाल
- कक्षा नौ में पढऩे वाली बालिका को क्या मोबाइल जरूरी है।
-परिवार के लिए वक्त की कमी हो रही है। इसे कैसे दूर करें।
-घटते संयुक्त परिवार की कमी को कैसे किया जाए पूरा।
- स्कूलों में बच्चों को नैतिक शिक्षा व आधुनिक शिक्षा में सामंजस्य बनाने की दरकार।

पत्रिका व्यू...
मोबाइल की दुनिया ने लोगों को जहां ग्लोबल जोड़कर आगे बढ़ाया है वहीं ऑनलाइन की दुनिया में मोबाइल पर उपलब्ध कई ऐप व गेम आदि ने ना सिर्फ कामकाजी लोग बल्कि नन्हें बच्चे व किशोर व आम आदमी को अपनी रोजमर्रा की आदत में इतना मजबूर कर दिया है कि कई बीमारियां, समय की बर्बादी व शारीरिक खेलकूद से दूर होकर इंसान आरामतलब बन गया है या इसे यूं कहें कि आलसी बना दिया है तो भी अतिश्योक्ति नहीं होगी। घर परिवार से भी लोगों की दूरियां बनने लगी है। आपसी रिश्तो में भी लोग परस्पर बातचीत कम व मोबाइल पर संवाद अधिक करने लगे हैं। इससे चिर-परिचित व रिश्तेदारों के घर में सुख-दुख की सामान्य बातें भी पता नहीं चल पाती है।
अति हर चीज की बुरी होती है और इस परिवार में भी यही हुआ। लोगों को अपनी जरूरत के अनुरूप मोबाइल का उपयोग करना चाहिए। मोबाइल को स्वयं पर हावी ना होने दें, तभी इंसान तकनीकी का बेहतर इस्तेमाल कर खुशनुमा जिन्दगी जी सकता है।

Fathers Murder :