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Benglauru : BEML के निजीकरण के विरोध में उतरे कर्मचारी

Priya Darshan

Publish: Oct 23, 2019 00:47 AM | Updated: Oct 23, 2019 00:47 AM

Bangalore

Employees association stage protest opposing privatisation of BEML

मुनाफा कमाने वाली सार्वजनिक कंपनी है बीइएमएल

बेंगलूरु. केंद्र सरकार द्वारा भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीइएमएल) के निजीकरण करने के फैसले के विरोध में मंगलवार को बीइएमएल कर्मचारी संघ ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक सरकार कंपनी के निजीकरण का अपना निर्णय वापस नहीं लेगी तब नियमित रूप से कर्मचारी संघ प्रदर्शन जारी रखेंगे।

विरोध प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने केंद्र सरकार की श्रम नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डोमलूर श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि केंद्र सरकार ने सिर्फ बीइएमएल बल्कि देश भर में सार्वजनिक क्षेत्र की कई अन्य कंपनियों का निजीकरण करने की दिशा में है। उन्होंने कहा कि हर दिन कंपनी के दो सौ कर्मचारी नियमित रूप से प्रदर्शन करेंगे।

निजीकरण को श्रम विरोधी और राष्ट्र के लिए नुकसानदेह बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे रोजगार सुरक्षा में कमी आएगी। साथ ही, एससी-एसटी आरक्षण के 18 प्रतिशत और विकलांगों को ५ प्रतिशत आरक्षण का खात्मा हो जाएगा। इसलिए कर्मचारी संघ चाहता है कि बीइएमएल ५१ प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सरकार के अधीन रहना चाहिए।

कई कंपनियों का होगा निजीकरण
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में हुई एक बैठक में कैबिनेट सचिव को बीपीसीएल, कॉनकॉर, एससीआई, बीईएमएल, और अन्य सार्वजनिक कंपनियों के रणनीतिक विनिवेश पर निर्णय लेने कहा गया। हाल ही में आई रिपोर्टों के अनुसार प्रधान मंत्री कार्यालय ने भी उन उïपक्रमों को बेचने या ऐसे व्यवसायों से बाहर निकलने का निर्देश दिया है जिनमें सरकार का कोई प्रत्यक्ष व्यवसाय नहीं है।