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डीके शिवकुमार 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

Rajendra Shekhar Vyas

Publish: Sep 17, 2019 22:59 PM | Updated: Sep 18, 2019 08:04 AM

Bangalore

जमानत पर 18 को फिर होगी सुनवाई

बेंगलूरु. धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार पूर्व मंत्री डीके शिवकुमार को दिल्ली के रोज एवेन्यू कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उनकी जमानत याचिका पर बुधवार को फिर सुनवाई होगी।
अभी डीके को अस्पताल भेजा गया है। डॉक्टर उनकी जांच करने के बाद यह निर्णय करेंगे कि उन्हें बुधवार तक अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत है या नहीं। डॉक्टरों के निर्णय के आधार पर ही उन्हें तिहाड़ भेजे जाने पर फैसला होगा।
इससे पहले कोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील और अतिरिक्त महाधिवक्ता केएम नटराजन ने जज अजय कुमार कुहाड़ के सामने पक्ष रखते हुए कहा कि डीके शिवकुमार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाए। उन्होंने कहा कि कस्टडी के दौरान रोज पूछताछ से पहले शिवकुमार को चिकित्सकीय जांच के लिए ले जाया गया। इस दौरान उनके स्वास्थ्य संबंधी सारी जरूरतों का ध्यान रखा गया।
नटराज ने कहा कि उनकी सेहत की वजह से ठीक से पूछताछ नहीं हो पाई लिहाजा वे मांग करते हैं कि न्यायिक हिरासत में भी पूछताछ की इजाजत दी जाए। ईडी के वकील ने कहा कि 'हमें अहम सुबूतों से इनका आमना-सामना कराना है। हम इनकी जमानत याचिका का विरोध करते हैं। हम ये मांग करते हैं कि हमें न्यायिक हिरासत में भी पूछताछ करने दी जाए।'
वहीं डीके शिवकुमार की ओर से केस की पैरवी कर रहे अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि डीके शिवकुमार की तबीयत लगातार खराब है, वो तीन बार अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं। सिंघवी ने आगे कहा कि, 14 तारीख से उनके सीने में भी दर्द हो रहा है। पिछली बार भी कहा था इनकी तबीयत खराब है पर ईडी ने तब भी इनकी रिमांड ले ली। अब ये कह रहे हैं कि इनकी जांच पूरी नहीं हुई।
वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने भी डीके शिवकुमार की तरफ से बहस करते हुए कहा कि 'हम न्यायिक हिरासत का विरोध करते हैं। हम मांग करते हैं कि शिवकुमार को जमानत दी जाए। वे सात बार के विधायक हैं। जिंदगी भर जनता के सामने रहे हैं। उनकी सेहत भी नहीं ठीक है और ट्रैक रिकार्ड बेहद अच्छा है। डीके शिवकुमार को रेगुलर बेल दी जाए या फिर मेडिकल बेल दी जाए।'