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पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से निकल चांद की ओर चला चंद्रयान-2

Rajeev Mishra

Publish: Aug 14, 2019 04:26 AM | Updated: Aug 14, 2019 04:26 AM

Bangalore

इसरो वैज्ञानिकों से सफलता पूर्वक पूरी की जटिल टीएलआइ प्रक्रिया
बुधवार तड़के 2.21 बजे फायर किया गया चंद्रयान-2 का तरल इंजन

बेंगलूरु. देश का दूसरा चंद्र मिशन चंद्रयान 2 पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से बाहर निकलते हुए चांद की ओर चल पड़ा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों ने बुधवार तड़के 2:21 बजे अत्यंत जटिल ट्रांस लूनर इंसर्शन (trance lunar insertion or TLI) प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए मिशन का एक अहम पड़ाव पार कर लिया। टीएलआइ में मिली सफलता पर नियंत्रण कक्ष में बैठे इसरो अध्यक्ष के.शिवन समेत अन्य वैज्ञानिक खुशी से झूम उठे।


इसरो ने कहा है कि टीएलआई प्रक्रिया पूरी करने के लिए chandrayaan-2 के लिक्विड इंजन को 1203 सेकेंड तक फायर किया गया।इसके बाद chandrayaan-2 लूनर ट्रांसफर ट्रेजटरी में प्रवेश कर गया। यानी chandrayaan-2 अब चांद के वक्र प्रक्षेप पथ पर चल पड़ा है। चांद का पीछा करते हुए यह आगामी 20 अगस्त को चांद के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में प्रवेश करेगा। तब यान का तरल इंजन फायर कर उसकी गति धीमी कर दी जाएगी और वह चांद की कक्षा में प्रवेश कर जाएगा।


इसरो ने कहा है कि 22 जुलाई को प्रक्षेपण के बाद 23 जुलाई से 6 अगस्त के बीच चन्द्रयान-2 के 5 मैनुवर सफलतापूर्वक पूरे किए गए। यान ठीक हालत में है और उस पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसरो के टेलिमेटरी ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (इस्ट्रैक) में मिशन ऑपरेशन कंपलेक्स द्वारा यान को नियंत्रित किया जा रहा है। बयालालू स्थित इसरो का डीप स्पेस नेटवर्क इसमें मददगार साबित हो रहा है क्योंकि बयालालू के जरिए ही chandrayaan-2 से संपर्क स्थापित किया जाता है।
इसरो ने कहा है कि अब chandrayaan-2 आगामी 20 अगस्त को चांद की कक्षा में पहुंचेगा और तब तरल इंजन को फिर एक बार फायर किया जाएगा और वह चांद की कक्षा में प्रवेश कर जाएगा।

अब आगे क्या
20 अगस्त की सुबह 8.30 से 9.30 बजे के बीच चंद्रयान-2 चांद के 118 किमी गुणा 18078 किमी वाली कक्षा में प्रवेश करेगा। इसके बाद 21 अगस्त को दोपहर 12.30 बजे से 1.30 बजे के बीच इसे 121 गुणा 4303 किमी वाली कक्षा में लाया जाएगा। फिर 28 अगस्त की शाम 5.30 बजे से 6.30 बजे के बीच इसे 178 गुणा 1411 किमी वाली कक्षा में डाला जाएगा। चंद्रयान-2 30 अगस्त शाम 6 बजे से 7 बजे के बीच चांद की 126 गुणा 164 किमी वाली कक्षा में भेजा जाएगा। अंतत: 1 सितम्बर को शाम 6 बजे से 7 बजे के बीच इसे 114 गुणा 128 किमी वाली कक्षा में पहुंचा दिया जाएगा।
अगले ही दिन यानी 2 सितम्बर को चंद्रयान-2 के आर्बिटर से लैंडर अलग होगा और चांद पर उतरने के लिए चल पड़ेगा। लैंडर 7 सितम्बर को चांद के दक्षिणी धु्रव पर उतरेगा।