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चंद्रयान-2 अब चांद के और करीब

Rajendra Shekhar Vyas

Publish: Aug 21, 2019 17:34 PM | Updated: Aug 21, 2019 17:34 PM

Bangalore

दूसरा मैनुवर सफल, यान अब 118 गुणा 4412 किमी वाली कक्षा में

चांद की कक्षा में यह दूसरा मैनुवर बुधवार दोपहर 12.50 बजे पूरा किया गया। इसके लिए यान के इंजन में मौजूद तरल अपोगी मोटर (एलएएम) 1228 सेकेंड (लगभग 20 मिनट) तक फायर किया गया। यह प्रक्रिया बेंगलूरु स्थित इसरो टेलीमेट्री टै्रकिंग एवं कमांड नेटवर्क (इसट्रैक) स्थित मिशन ऑपरेशन कॉम्पलेक्स से पूरी की गई

बेंगलूरु. देश का दूसरा चंद्र मिशन Chandrayan-2 चंद्रमा के और करीब हो गया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों ने चांद के दक्षिणी धु्रव पर लैंडर विक्रम को उतारने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए चंद्रयान-2 का दूसरा मैनुवर सफलता पूर्वक पूरा कर लिया। इस मैनुवर के बाद भारतीय यान चांद की 118 किमी गुणा 4,412 किमी वाली orbit में प्रवेश कर गया।
इसरो की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक चांद की कक्षा में यह दूसरा मैनुवर बुधवार दोपहर 12.50 बजे पूरा किया गया। इसके लिए यान के इंजन में मौजूद तरल अपोगी मोटर (LAM) 1228 सेकेंड (लगभग 20 मिनट) तक फायर किया गया। यह प्रक्रिया बेंगलूरु स्थित इसरो टेलीमेट्री टै्रकिंग एवं कमांड नेटवर्क (इसट्रैक) स्थित मिशन ऑपरेशन कॉम्पलेक्स से पूरी की गई और ब्यालालू स्थित आईडीएसएन ने सहयोग किया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद चंद्रयान-2 की MOON की 114 गुणा 18072 किमी वाली कक्षा से निकलकर 118 किमी गुणा 4,412 किमी वाली कक्षा में प्रवेश कर गया। इससे पहले मंगलवार को Lunar orbit insertion के जरिए चंद्रयान-2 को चांद की कक्षा में स्थापित कर इसरो ने मिशन की राह में एक बड़ी बाधा पार की।
इसरो ने कहा है कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद चंद्रयान-2 ठीक हालत में है और तमाम प्रक्रियाएं योजना के मुताबिक चल रही हैं। यान से निरंतर संपर्क बना हुआ है और अब यह अगले 7 दिन तक इसी कक्षा में चक्कर लगाता रहेगा। अब आगामी 28 अगस्त की शाम 5.46 बजे Third maneuver होगा और चंद्रयान-2 को 176 गुणा 1411 किमी वाली कक्षा में डाला जाएगा। गौरतलब है कि चंद्रयान-2 को पिछले महीने 22 जुलाई को GSLV Mark-3 से प्रक्षेपित किया गया था। पांच मैनुवर के बाद उसे 14 अगस्त को चांद के प्रक्षेप पथ पर डाला गया और 20 अगस्त को चांद की कक्षा में स्थापित किया गया। चंद्रयान-2 का लैंडर आगामी 2 सितम्बर को Arbiter से अलग होगा और 7 सितम्बर तड़के 1.55 बजे चांद पर उतरेगा।