स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

निजी कंपनियों में स्थानीय युवाओं को ज्यादा नौकरियां देना चाहती है येडियूरप्पा सरकार

Ram Naresh Gautam

Publish: Aug 17, 2019 16:20 PM | Updated: Aug 17, 2019 16:20 PM

Bangalore

  • लोगों के रोजगार के अवसरों से समझौता नहीं किया जाएगा। इससे पहले कुछ संगठनों ने राज्य की नौकरियों में स्थानीयों को वरीयता देने के लिए 24 घंटे का विरोध प्रदर्शन किया।

बेंगलूरु. मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा ने कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चत करेगी कि निजी क्षेत्र की नौकरियों का एक बड़ा हिस्सा कन्नडिग़ाओं को मिले।

मानेक शॉ परेड ग्राउंड में स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राज्य में नौकरियों में कन्नडिग़ाओं का प्रतिनिधित्व घट रहा है और इसकी चिंता बढ़ती जा रही है।

ध्वजारोहण के बाद उन्होंने कहा कि यह सरकार का स्थापित और घोषित रुख है कि राज्य में उपलब्ध नौकरियों में कन्नड़ लोगों को बड़ा हिस्सा मिलना चाहिए।

इसपर सरकार अडिग है। वे फिर से कहना चाहेंगे कि यह सरकार इस भूमि के लोगों की भावनाओं का सम्मान करती है।

कर्नाटक के लोगों के रोजगार के अवसरों से समझौता नहीं किया जाएगा। इससे पहले कुछ कन्नड़ संगठनों ने राज्य की नौकरियों में कन्नडिग़ाओं को वरीयता देने के लिए 24 घंटे का विरोध प्रदर्शन किया।

उनकी मांग थी कि स्थानीय नौकरियों में कन्नडिग़ाओं को 100 फीसदी आरक्षण मिले। येडियूरप्पा ने कहा कि रोजगार की तलाश में राज्य की ओर पलायन करने वालों को भी सरकार नौकरी के समान अवसर देने को तैयार है।

लेकिन, उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों को कन्नड़ संस्कृति, भाषा और जीवन शैली के अनुरूप ढलना होगा। इस संदर्भ में कन्नडिग़ा उदाहण के पात्र हैं।

वे जहां भी जाते हैं, वहां की संस्कृति और भाषा के अनुरूप खुद को ढाल लेते हैं। गौरतलब है कि हाल ही में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने निजी नौकरियों में स्थानीय लोगों को आरक्षण देने का कानून लागू किया है।

केन्द्र सरकार के हाल में कश्मीर पर किए गए बड़े फैसले का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह देश भर के लोगों के सपने को पूरा करने वाला निर्णय है।

समारोह में सेना, सिविल, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया। समारोह में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गईं, जिसमें शहर के विभिन्न स्कूलों के डेढ़ हजार बच्चों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी ली।