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ग्रामीणों ने कोटेदार पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

Abhishek Gupta

Publish: Aug 29, 2019 23:28 PM | Updated: Aug 29, 2019 23:28 PM

Banda

बाँदा में कोटेदारो के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन लगातार जारी है लेकिन विभाग की हमेशा से ही अनदेखी के चलते कोटेदारों पर कार्यवही ना होने से उनके हौसले बुलंद हैं।

बाँदा. बाँदा में कोटेदारो के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन लगातार जारी है लेकिन विभाग की हमेशा से ही अनदेखी के चलते कोटेदारों पर कार्यवही ना होने से उनके हौसले बुलंद हैं। गुरुवार को बाँदा जनपद के बबेरू कसबे के देवरथ गाँव के ग्रामीणों ने कोटेदार पर कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों पर कोटेदार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कोटेदार के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की। साथ ही कोटेदार का लाइसेंस रद्द करने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने कहा की कोटेदार गल्ला लेने से गए ग्रामीणों को गल्ले में कटौती करता है और इसका विरोध करने पर अभद्र भाषा का प्रयोग करता है व हरिजन एक्ट का मुक़दमा लिखाने की धमकी देता है।

बाँदा जनपद के बबेरू कसबे के देवरथ गाँव के दर्जनों ग्रामीण गुरुवार को बाँदा कलेक्ट्रेट पहुँचे व गाँव के कोटेदार पर कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कोटेदार के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है। ग्रामीणों ने कोटेदार पर आरोप लगाते हुए कहा की हम लोग देवरथ गाँव के निवासी है, हमारे गाँव का कोटेदार हमें ना ही गल्ला देता है और ना मिट्टी का तेल, हमसे मशीन में अंगूठा लगवा लेता है और आधा गल्ला देता है और कहता है की इतना ही मिलेगा। ग्रामीणों ने कोटेदार पर आरोप लगाया की कोटेदार मिट्टी का तेल खुला अपने दरवाजे से ब्लैक में बेचता है।

जब हम इसका विरोध करते हैं या कुछ कहते हैं तो हमें हरिजन एक्ट के फर्जी मुक़दमे में फॅसाने की धमकी देता है। कहा की हम इससे पहले जिला पूर्ति अधिकारी से कोटेदार की शिकायत कर चुके हैं जिसपर जांच हुई थी पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। फिर हमने तहसील में प्राथना-पत्र दिया था जिसपर हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसलिये आज हम जिलाधिकारी से मिले हैं और कोटेदार का लाइसेंस निरस्त करते हुए उसपर कानूनी कार्यवाही की माँग करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कोटेदार की राजनीतिक पकड़ है जिसपर अधिकारियों को फ़ोन चला जाता है और जांच दबा दी जाती है और हमारी कोई सुनवाई नहीं होती है।