स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

महर्षि वामदेव की तपोभूमि में कचड़े के ढेर में फेके जा रहे गायों के शव, नहीं हो रही कोई सुनवाई

Neeraj Patel

Publish: Feb 14, 2020 12:26 PM | Updated: Feb 14, 2020 12:26 PM

Banda

जिले में महर्षि वामदेव की तपोभूमि अन्ना गायों की दुर्दशा के रोज नए मामले सामने आ रहे हैं।

बांदा. जिले में महर्षि वामदेव की तपोभूमि अन्ना गायों की दुर्दशा के रोज नए मामले सामने आ रहे हैं, जहां एक तरफ यहां गौशालाओं के अंदर कभी ठंड से गायों की मौत की खबरें आती है, तो कभी भूख से गायों की मरने की खबरें सामने आती रहती है। वहीं अब गायों के मरने के बाद उन्हें कचड़े के साथ कूड़े के ढेर में फेंके जाने का मामला सामने आया है जहां पर कूड़े वाली गाड़ियों में कूड़े-कचड़े के साथ मृत गायों को फेंका जा रहा है और पूरे मामले में जिम्मेदार सब कुछ जानकर भी अंजान बने हुए हैं। सैकड़ों गायों के शवों की सड़ांध ने यहां लोगों का निकलना दूभर कर रखा है और संक्रमण का भी खतरा मंडरा रहा है।

ये भी पढ़ें - रिहा होने वाले बंदियों को मिलेगा रोजगार, स्वावलंबी बनाने में की जाएगी मदद

यह पूरा मामला जनपद के हटेटी पुरवा गांव का है जहां सैकड़ों मृत गायें कचरे के ढेर पर पड़ी हैं। मृत गाय को कूड़े-कचरे के साथ फेकते नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों के मुताबिक यह आदेश उन्हें नगर पालिका से ही मिला है कि गायों को कूड़े-कचरे के साथ फेंक दिया जाए और रोजाना वे दर्जनों की संख्या में इसी तरह मृत गायों को फेंकते हैं। नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों ने कहा कि यह काम करने में उन्हें भी अच्छा नहीं लगता क्योंकि गाय को माता की संज्ञा दी गई है फिर भी अगर वे यह काम नहीं करते तो उन्हें नौकरी से हटा देने की भी धमकी दी जाती है, जिसके चलते मजबूरी बस उन्हें यह काम करना पड़ रहा है।

ये भी पढ़ें - यूपी में 35000 युवाओं को पहले चरण में इंटर्नशिप के साथ मिलेगा मानदेय, मिलेंगी ये सुविधाएं

मृत जानवरों के लिए शासन के आदेश के मुताबिक उन्हें जमीन में दफन किया जाना चाहिए लेकिन यहां शासन और प्रशासन दोनों आँखें बंद किए है। जब इस बारे नगर पालिका अध्यक्ष मोहन साहू से जानकारी ली गई तो उनका कहना था कि हमारे द्वारा यह निर्देश दिया जाता है कि मृत गायों को जमीन में गढ्ढा करके उनको दफनाया जाए, यदि गायों को कूड़े ढेर में ले जाकर फेंका गया है तो इसकी जांच कराई जाएगी और इसके जिम्मेदार को बिल्कुल भी बक्शा नहीं जाएगा।

ये भी पढ़ें - कोरोना वायरस: चीन से यूपी लौटे 553 यात्रियों को निगरानी में रखा गया, 1107 लोग चिन्हित

इस पूरे मामले को लेकर एसडीएम सदर का कहना है कि कर्मचारियों को गायों को कूड़े-कचरे के साथ फेंकने का कोई भी आदेश नहीं दिया गया है। हमारे यहां मृत जानवरों को फेंकने के लिए अलग से गाड़ी है फिर भी अगर ऐसा कोई मामला आया है तो इस पर जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

[MORE_ADVERTISE1]