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डीआईजी ने रिश्वतखोरी के मामले में चौकी प्रभारी को किया निलंबित, मचा हड़कम्प

Neeraj Patel

Publish: Jul 10, 2019 14:30 PM | Updated: Jul 10, 2019 14:30 PM

Banda

जिले में सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर रिश्वतखोरी में जीरो टालरेंस को बर्दास्त नहीं किया जाएगा।

बांदा. जिले में सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर रिश्वतखोरी में जीरो टालरेंस को बर्दास्त नहीं किया जाएगा, इसके बाद भी पुलिस विभाग मुख्यमंत्री के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहा है। बांदा डीआईजी ने रिश्वतखोरी के मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर कोतवाल सहित दो चौकी प्रभारियों पर बड़ी कार्रवाई की है।

दुधारू जानवरों से भरी गाड़ी को रोककर 50,000 रुपए रिश्वत लेने के मामले में डीआईजी ने शहर कोतवाल व बाबूलाल चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर तथा बाबूलाल चौकी के सह चौकी प्रभारी को उनके पद से निलंबित कर दिया है। दुधारू जानवरों के गाड़ी मालिक की शिकायत पर डीआईजी ने मामले की जांच उपरान्त दोषी पाए जाने पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।

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जानिए क्या है पूरा मामला

जबलपुर (म०प्र) का निवासी सरफराज दुधारू जानवरों को बेचने व खरीदनें का व्यापार करता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सरफराज का कटेंनर 16 दुधारू भैसें को लेकर जबलपुर से फतेहपुर दूध डेरी जा रहा था कि करीब 3 बजे रात को बांदा शहर कोतवाल ने बाबूलाल चौराहे में अपनी जीप आगे खड़ी कर कटेंनर रुकवा लिया और अपनी जीप से उतर कर उसमें सवार कटेंनर ड्राइवर भूरे निवासी मैसी जिला फतेहपुर व कंडक्टर रहीश निवासी तौली मुजफ्फर नगर व एक अन्य से पूछा की इसमें क्या है, तो ड्राइवर भूरे ने बताया कि दूध डेरी के जानवर हैं, बस कोतवाल साहब ने सिपाहियों को आदेश दिया कि कटेंनर को बाबूलाल पुलिस चौकी के पीछे मैदान में खड़ा कराकर तीनों को पकड़ लाओ।

सिपाहियों ने अपने साहब के आदेश का सख्ती से पालन किया और कटेंनर को मैदान में खड़ा करवा कर तीनों को पुलिस चौकी में बंद कर दिया । दस मिनट बाद कोतवाल साहब ने ड्राइवर भूरे को अपने पास बुलवाया और कहा कि बंद कर दूं कि छोड़ दूं और अगर छूटना चाहते हो तो एक लाख का इंतजाम कर मुझे दो वो भी अभी । इसपर ड्राइवर ने कहा साहब मैं तो कर्मचारी हूं मेरी मजाल क्या कि मैं एक लाख दें पाऊं और मैं अपने मालिक से बात करता हूं और पैसे की बात बताता हूं।

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50,000 रुपए में डील तय

ड्राइवर भूरा ने मालिक सरफराज को फोन लगा कर कोतवाल साहब की रंगदारी के एक लाख रूपये के बारे में बताया, इस पर सर्फराज ने असमर्थता जताई तो कोतवाल साहब के तेवर चढ़ गए और ड्राइवर से दोबारा फोन लगवा कर खुद व्यापारी सर्फराज से बात करने लगे और कुछ देर बातचीत होने के बाद 50,000 रुपए में डील तय हो गई और कोतवाल साहब ने फोन कर एक लड़का बुलवाया जिसका नाम नईम खान है जो की बांदा के अलीगंज मोहल्ले का ही निवासी है और उसके बैंक खाते में सरफराज के बैंक खाते से ऑनलाइन 50,000 रुपये सरफराज द्वारा ट्रांसफर करवाए और कटेंनर व उसमें सवार तीनों व्यक्तियों को छोड़ दिया।

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कोतवाल की सुनाई रिकार्डिंग

सरफराज ने डीआईजी से मिलकर पूरा मामला बताया व कोतवाल साहब के द्वारा की गई बात की रिकार्डिंग भी सुनाई। इस पर चित्रकूट धाम मंडल के डीआईजी दीपक कुमार ने अपने पीआरओ से मामले की जांच कराई और दोषी पाए जाने पर बांदा एसपी को कार्रवाई के निर्देश पर एसपी ने बांदा शहर कोतवाल अखिलेश मिश्र, अलीगंज के चौकी प्रभारी भानू प्रताप सिंह को लाइन हाजिर कर दिया व और सह चौकी प्रभारी मयंक चंदेल को उनके पद से निलंबित कर दिया है।