स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

#UnnaoRapeVictimCase : उन्नाव की बेटी को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेसियों ने उपवास रखकर दिया धरना, उठाई ये मांगें

Neeraj Patel

Publish: Aug 02, 2019 14:09 PM | Updated: Aug 02, 2019 14:09 PM

Banda

कांग्रेसियों ने उन्नाव की रेप पीड़िता को न्याय व उसके इलाज की सर्वोच्च व्यवस्था के लिए तथा आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को भाजपा से निष्कासित करने की मांग उठाई।

बांदा. उन्नाव की रेप पीड़िता को न्याय और उसे व उसके अधिवक्ता के इलाज की सर्वोच्च व्यवस्था दिए जाने तथा आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को भाजपा से निष्कासित किए जाने आदि की मांगों को लेकर कांग्रेसियों ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर एक दिवसीय धरना दिया व उपवास रखा, इसके बाद कांग्रेसियों ने राज्यपाल को सम्बोधित चार सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।

ये भी पढ़ें - उन्नाव गैंररेप मामला: कांग्रेस रखेगी एक दिन का उपवास, कुलदीप सेंगर के निष्कासन की उठाएगी मांग

जानें क्या है पूरा मामला

बांदा में कांग्रेसियों ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर एक दिवसीय धरना दिया व उपवास रखा। इसके साथ ही राजयपाल को सम्बोधित चार सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेसियों ने कहा कि उन्नाव में जिस बेटी के साथ अन्याय हुआ है उसमें सरकार उसे किसी तरह का न्याय देती नहीं दिखाई दे रही है बल्कि जो आरोपी है उसके संरक्षण में ही सारा प्रशासन, पुलिस प्रशासन व सरकार लगी हुई है।

ऐसी स्थिति ने कांग्रेस उन्नाव की बेटी न्याय दिलाने क अस्पताल में जीवन व म्रत्यू से संघर्ष कर रही है और उसके साथ जो वकील है वो भी जीवन-मृत्यू का संघर्ष कर रहे हैं, उनको सर्वोच्च इलाज की व्यवस्था सरकार अपने स्तर से करें, उनके परिवार को सरकार आर्थिक मदद दे ताकि समय पर उनके परिवार के काम आ सके, इसके आलावा भारतीय जनता पार्टी के जो आरोपी बलात्कारी विधायक हैं उनको अभी तक भारतीय जनता पार्टी ने पार्टी की सदस्यता से बर्खास्त नहीं किया है।

ये भी पढ़ें - हाईकोर्ट के जज पर आरोप क्या थे? जिन पर सीबीआई दर्ज करेगी केस

हमारी मांग है कि ऐसे आरोपी को पार्टी की सदस्य्ता से बर्खास्त किया जाए और साथ में उस परिवार का जो एक मात्र सदस्य उनसे चाचा जो जेल में बंद हैं। उसको सरकार ने तक पैरोल नहीं दिया उसको एक महीने का पैरोल दिया जाए ताकि वो ऐसे संकट में परिवार की जरूरतें पूरी कर सके व ऐसे समय पर परिवार के संकट में खड़ा हो सके।