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यूपी में खूबसूरत और ऊंची ताजियों के लिए पूरे देश में मशहूर है यह जगह, जानकर आपके भी उड़ जाएंगे होश

Neeraj Patel

Publish: Sep 10, 2019 22:25 PM | Updated: Sep 10, 2019 22:35 PM

Balrampur

मोहर्रम के अवसर पर अपनी खूबसूरत और ऊंची ताजियों के लिए बलरामपुर पूरे देश में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

बलरामपुर. मोहर्रम के अवसर पर अपनी खूबसूरत और ऊंची ताजियों के लिए बलरामपुर पूरे देश में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखता है। 10वीं मोहर्रम के दिन कर्बला में दफन करने से पूर्व शहर के ताजियों को वीर विनय चौक पर एकत्रित किया जाता है। इन ताजियों की खूबसूरती देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमडती है। वीर विनय चौक पर इकठ्ठी की गयी ताजियों को बनाने में आयी लागत करीब तीन करोड रुपये आंकी गई है।

अमन और भाई चारगी का पैगाम देती इन ताजियों को बनाने में कलाकार कई महीने परिश्रम करते है। यहां इकठ्ठी होने वाली ताजियों में सबसे अच्छी ताजियों को कमेटियों द्वारा पुरस्कृत किया जाता है।

परम्परागत तरीके से निकलता है जुलूस

मोहर्रमवुल अरबी साल का पहला महीना है। इसी महीने की दस तारीख को यानि मोहर्रम की दसवी को इमामे आलीमकाम हजरत इमामे हुसैन को कर्बला में इजीदियों ने हक की पैरवी करने के विरोध में शहीद कर दिया था। इस्लामी तारीख में इसी मोहर्रमवुल की दस तारीख को यौमे आशुरा भी पड़ता है। जिसकी इस्लाम की धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्व पूर्ण है। इसी दिन मूसा(अलै.)की तौबा कबूल हुई थी.सुन्नी समुदाय के लोग मोहर्रम को अपने तरीके से मनाते है। मुस्लिम समुदाय का जुलूस मोहर्रम की दसवी को अपने परम्परागत तरीके से निकलता है।

अकीदतमंदों द्वारा रखी गई ताजिया

सुन्नी समुदाय की आसमान छूती ताजिया जिनकी ऊचाई 50से 60-62 फीट थी वीर विनय चौराहे पर एकत्रित हुई। इससे पूर्व शहर के तमाम इमाम चबूतरो या स्वयं की व्यवस्था में अकीदतमंदों द्वारा रखी गई ताजिया झारखण्डी के निकट बने कर्बले पर दफनाई गई। चौराहे पर बने दोनो मंचो से ताजियादार जुल्फेदार बरदादो को सम्मानित किया गया।

सैकड़ों इमाम मरहूम हारून पठान के बड़े पुत्र शाहरूख पठान के मंच से ताजियादारो को बाटे गये तथा शहर को गणमान्य लोगों की इज्जत अफजाई में उन्हे रंग बिरंगे साफे भी बांधे गए। लगभग यही कार्यक्रम कल्लू आजाद के द्वारा लगाए मंच से किया जा रहा।

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