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बलरामपुर इलाके आई बाढ़, तराई क्षेत्र के एक दर्जन मार्गों में आई दरार

Akansha Singh

Publish: Aug 16, 2019 16:38 PM | Updated: Aug 16, 2019 16:38 PM

Balrampur

नेपाल के पहाड़ी नालों और राप्ती नदी बलरामपुर जमकर तांडव मचा रही है। जुलाई माह के पहले सप्ताह में आयी बाढ़ ने ही यहां सभी दावों की पोल खोल दी है।

बलरामपुर. नेपाल के पहाड़ी नालों और राप्ती नदी बलरामपुर जमकर तांडव मचा रही है। जुलाई माह के पहले सप्ताह में आयी बाढ़ ने ही यहां सभी दावों की पोल खोल दी है। हांलाकि राप्ती नदी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है और कई दिनों से बारिश न होने से पहाड़ी नाले भी शान्त हैं लेकिन तराई के निचले इलाको में अभी भी पानी भरा हुआ है और अब जब राप्ती नदी और पहाड़ी नाले उफान पर आयेंगे। 23 जून को 14घंटे की मूसलाधार बारिश से तराई इलाको में बाढ की स्थित पैदा हो गयी। तुलसीपुरतहसील का सम्पर्क जिला मुख्यालय से कट गया था। जुलाई के प्रथम सप्ताह मेंपहाडी नालों ने तबाही मचाई।

हांलाकि जिला प्रशासन दावा करते है कि उसने बाढ़ से निपटने की तैयारियां पूरी कर ली है। राप्ती नदी पर बना कोडरी घाट का पुल भी अछूता नही रहा। पुल के एप्रोच मार्गमें भी दरारे आ गयी है। तेज बाढ आने की दशा में पुल के एप्रोच मार्ग को बचापाना मुश्किल होगा। कोडरी घाट पुल का एप्रोच मार्ग कटने से पाँच लाख की आबादीका सम्पर्क जिला मुख्यालय से टूट जायेगा। अब इससे निपटन के लिये जिला प्रशासनटीमें बनाकर उन स्थलो का चिन्हीकरण कर रही है जहाँ बाढ से सबसे ज्यादा खतरा होसकता है। बाढ की तैयारियों का जायजा लेने आये जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा ने भी कहा कि जिले में बाढ] से निपटने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है। प्रत्येक वर्ष बाढ] की विभीषिका में भारी जन-धन की हानि होती है। प्रति वर्ष करोड़ो रुपये बाढ़ से सुरक्षा के नाम पर खर्च किये जाते हैं लेकिन बाढ़ से निपटने का स्थाई समाधान न होने से यहां के लोगों को यह त्रासदी प्रतिवर्ष झेलनी पड़ती है।