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World Tourism Day: कुतुब मीनार से भी ऊंचा है छत्तीसगढ़ का जैतखाम, यहां हर साल आते हैं लाखों सैलानी

Akanksha Agrawal

Publish: Sep 27, 2019 19:00 PM | Updated: Sep 27, 2019 14:53 PM

Baloda Bazar

World Tourism Day: आज विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं छत्तीसगढ़ के ऐसे पर्यटन स्थल के बारे में जिसकी ख्याति देशभर में फैली हुई है।

बलौदा बाजार. आज विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं छत्तीसगढ़ के ऐसे पर्यटन स्थल के बारे में जिसकी ख्याति देशभर में फैली हुई है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 145 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है गुरू घासीदास का जन्म स्थान गिरौधपुरी, जहां पर विशाल जैतखाम स्तंभ का निर्माण किया गया है। जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं।

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जैतखाम स्तंभी की सबसे खास बात यह है कि यह मीनर दिल्ली के कुतुबमीनर से भी ज्यादा ऊंचा है। गिरौधपुरी पहुंचने से पहले ही यह स्तंभ दूर से दिखने लगता है। सफेद रंग से बने इस स्तंभ की बनावट इतनी अच्छी है कि इसे देखते ही लोगों का मन प्रसन्न हो जाता है। शाम को इस जगह का नजारा देखते लायक होता है।

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जैतखाम की छत पर जाने के लिए दो तरफ से दरवाजे बनाए गए हैं और दोनों तरफ 435-435 सीढिय़ां हैं। गिरौधपुरी सतनामी समाज के लोगों का धार्मिक स्थल है। जैतखाम को बनाने के लिए सात खंभों का इस्तेामाल किया गया है। इसके अंदर एक विशाल हॉल है। जैतखाम गुरू घासीदास मंदिर से कुछ ही दूरी पर स्थित है। देशभर से लाखो सैलानी हर साल यहां आते रहते हैं।