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शाम को उतारना भूले तो रातभर फहरता रहा तिरंगा झंडा, 26 घंटे बाद दूसरे दिन सुबह उतारा

Akanksha Agrawal

Publish: Aug 17, 2019 22:13 PM | Updated: Aug 17, 2019 14:21 PM

Baloda Bazar

गुरुवार को राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जिसको दिन अस्त होने के पूर्व ही उतारना था। लेकिन जिम्मेदार उतारना भूल गए और तिरंगा बारिश, तेज हवा और अंधेरे के बीच रातभर फहरता रहा।

बलौदा बाजार. नगर के गार्डन चौक में स्वतंत्रता दिवस पर गुरुवार को राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जिसको दिन अस्त होने के पूर्व ही उतारना था। लेकिन जिम्मेदार उतारना भूल गए और तिरंगा बारिश, तेज हवा और अंधेरे के बीच रातभर फहरता रहा। शुक्रवार सुबह लोगों की नजर फहरते तिरंगे पर पड़ी। इसे देखकर शोर-गुल शुरू हो गई। तब जिम्मेदारों ने लगभग 26 घंटे बाद सुबह 9.30 बजे तिरंगा को उतारा।

स्वतंत्रता दिवस पर गुरुवार को सुबह बलौदा बाजार के गार्डन चौक में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की प्रतिमा के सामने कांग्रेस नेत्री व अधिवक्ता शारदा सोनी द्वारा ध्वजारोहण किया गया। नियमानुसार ध्वजारोहण पश्चात सूर्यास्त के पूर्व राष्ट्रीय ध्वज को उतारा जाना चाहिए, परंतु यहां पर ध्वजारोहण करने वाले इस नियम को भूल गए। जिसका परिणाम यह रहा कि राष्ट्रीय ध्वज सूर्यास्त के बाद भी उतारा नहीं गया।

गुरुवार पूरी रात गार्डन चौक में राष्ट्रीय ध्वज लहराता रहा। संध्या लगभग 8 बजे नगर में 15 मिनट तेज बारिश भी हुई। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज बारिश में भी भीगता रहा। शुक्रवार सुबह मार्निंग वॉक में जाने वाले तथा गार्डन चौक की गुमटी में नियमित रूप से आने वाले युवकों ने जब राष्ट्रीय ध्वज को फहरे हुए देखा तो सभी को घोर आश्चर्य हुआ। थोड़ी ही देर में लोगों को समझ आ गया कि स्वतंत्रता दिवस के दौरान फहराया गया राष्ट्रीय ध्वज उतारा ही नहीं गया है। इस दौरान कई युवकों ने मोबाइल से इसका फोटो खींचकर शेयर भी किया। शुक्रवार सुबह लगभग 9.30 बजे राष्ट्रीय ध्वज को उतार लिया गया।

 

Tiranga flag

यह है भारतीय ध्वज संहिता
गौरतलब हो कि भारतीय ध्वज संहिता में देश की राष्ट्रीय ध्वज (झंडा) को लेकर स्पष्ट नियम बनाए गए हैं,जिसमें राष्ट्रीय ध्वज का साइज, कपड़ा, स्थान से लेकर अन्य सभी नियम हैं। इन्हीं नियमें ध्वजारोहण के समय को लेकर भी स्पष्ट किया गया है कि सरकारी भवन पर झंडा रविवार और अन्य छुट्टियों के दिनों में भी सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही फहराया जाता है। केवल विशेष अवसरों पर इसे रात को भी फहराया जा सकता है। परंतु घोर लापरवाही के चलते नगर में देश के स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान हो गया।

कांग्रेस नेत्री व अधिवक्ता शारदा सोनी ने बताया कि ध्वजारोहण पश्चात वे पारिवारिक कार्य से बलौदा बाजार से बाहर गई थी। उन्होंने अपने एक नौकर को सूर्यास्त के पूर्व राष्ट्रीय ध्वज को उतारने को कहा था। परंतु वह नौकर भूल गया। जिसकी वजह से राष्ट्रीय ध्वज उतारा नहीं जा सका।

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