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तीन घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश से ढह गए 10 से भी ज्यादा मकान, जन जीवन अस्तव्यस्त

Bhawna Chaudhary

Publish: Jul 31, 2019 21:00 PM | Updated: Jul 31, 2019 15:36 PM

Baloda Bazar

करीब तीन घंटे तक मुसलाधार बारिश हुई। इससे किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई, लेकिन वहीं कई कच्चे मकान ढह गए।

तिल्दा-नेवरा. सोमवार की रात करीब तीन घंटे तक मुसलाधार बारिश हुई। इससे किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई, लेकिन वहीं कई कच्चे मकान ढह गए। पीडि़तों को रतजगा करनी पड़ी।

आषाढ़ सूखा बीतने के बाद किसानों को इस बात की आस थी कि सावन लगते ही बादल जमकर बरसेंगे। शुरू में हुई मानसूनी बारिश के बाद किसानों ने धान की बुआई कर दी थी, लेकिन मौसम के रूठ जाने से किसान काफी चिंतित थे। सावन के एक सप्ताह बीतने के बाद भी बारिश नहीं होने से किसान हताश हो गए थे। सोमवार की रात हुई झमाझम बारिश के बाद किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।

हालांकि अभी भी और पानी की जरुरत है, लेकिन इस बारिश से पौधों में नई जान आ गई है। जिनके पास सिंचाई के साधन है, उन्होंने इस बारिश के बाद बियासी शुरू कर दी है। लेकिन जिनके पास सिंचाई का साधन नहीं है, वे एक और तेज बारिश की कामना कर रहे हैं। बारिश के चलते जिन किसानों के खेत निचले हिस्से में है. उन खेतों में पानी लबालब हो गया है, लेकिन जिन किसानों के खेत उपरी हिस्से में हैं, वहां अभी भी सूखे की स्थिति है।
मानपुर तुलसी के किसान केशव साहू का कहना है कि अभी जो बारिश हुई है, उससे निश्चित रूप से राहत मिली है, लेकिन पर्याप्त नहीं है। यदि दो-तीन दिनों के अन्दर फिर से बारिश नहीं हुई, तो खेत सूख जाएंगे। परसदा के दुर्गेश यादव ने बताया कि रात को हुई बारिश से कृषि कार्य में तेजी आई है। जिन लोंगों ने थरहा लगाया था, उन्होंने रोपाई शुरू कर दी है। कुल मिलाकर इस बारिश ने पौधे के लिए अमृत का काम किया है।

10 से भी ज्यादा कच्चे मकान ढहे
रात को हुई बारिश एक ओर किसानों के लिए खुशियां लेकर आई, तो दूसरी ओर इस बारिश ने कई गरीबों के घरों को उजाड़ दिया। शहर के साथ आसपास के गावों के 10 से भी ज्यादा कच्चे मकानों के ढ़हने की जानकारी मिली है। शहर के वार्ड.10 और 12 में तीन लोगों के मकान गिर गए। वार्ड.10 निवासी कुलेश्वर यादव और पवन यादव के घर का कुछ हिस्सा ढह गया। कुलेश्वर के मकान गिरने से मलबे में कई सामान दब गया। इसी तरह पवन का भी घर का एक कमरा गिर गया। वार्ड.12 के मुखी राम का एक कमरा ढह गया। इसके साथ ही कोटा, सुन्गेरा, सांकरा में भी कुछ लोगों के मकान गिरने की जानकारी मिली है।