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कबीर पंथियों ने कहा- अंडा एक मांसाहार है, इसकी जगह बच्चों को अंकुरित चना और मूंगफली खिलाए सरकार

Akanksha Agrawal

Publish: Jul 19, 2019 22:13 PM | Updated: Jul 19, 2019 15:45 PM

Baloda Bazar

प्रदेश सरकार ने जब से शासकीय स्कूलों के मध्यान्ह अंडा परोसे जाने की घोषणा की है, तब से घोर विरोध हो रहा। अंडे को मांसाहार बताते हुए कबीर पंथी इसका खुलकर विरोध कर रहे हैं।

तिल्दा नेवरा. प्रदेश सरकार ने जब से शासकीय स्कूलों के मध्यान्ह अंडा परोसे जाने की घोषणा की है, तब से घोर विरोध हो रहा। अंडे को मांसाहार बताते हुए कबीर पंथी इसका खुलकर विरोध कर रहे हैं। इस संबंध में पत्रिका ने शहर के जागरूक लोगों से उनकी राय जाननी चाहीए तो जयादातर लोगों का कहना है कि सरकार को अंडे के बजाय अन्य शाकाहारी पौष्टिक आहार खिलाना चाहिए। साथ ही इनका कहना है कि जब सरकार भोजन में अंडे की योजना चालु कर सकती है तो आमजन का विरोध देखते हुए इसे बंद भी कर सकती है। वहीं इस योजना से अधिकांश लोगों की धार्मिक भावनांए आहत हो रही है।

अंडा मांसाहार की श्रेणी में
शिक्षाविद बुधवाराम साहू का कहना है कि अंडा मांसाहार की श्रेणी में आता है। इसे खाने से बच्चों में तामसिक प्रवृत्ति आएगी। सरकार को अंडा की जगह अंकुरित अनाज, गुड़, मूंगफ ली, सोयाबीन इत्यादि शाकाहारी खाद्य सामग्री खिलानी चाहिए। इनमें अंडा से ज्यादा पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं। अंडे की वजह से एक समस्या यह भी आएगी कि कई बच्चे इसे नहीं खाते हैं। तब उनके लिए मध्यान्ह भोजन में कोई दूसरी खाद्य सामग्री बनानी पड़ेगी। इससे व्यावहारिक समस्या आएगी।

धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं
जागरूक महिला अंजुलता शर्मा का कहना है कि मध्यान्ह भोजन में अंडा परोसे जाने के सरकार के आदेश का विरोध हो रहा है, जो सही है। क्योकि अंडा मांसाहार में आता है, इसलिए अनके धर्म से जुड़े लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही है। ऐसे में सरकार को इस आदेश को वापस लेकर अंडा के विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए। कोई जरूरी नहीं है कि बच्चे अंडे खायेंगे, तभी हष्ट-पुष्ट रहेंगे। सेब, दूध सहित अनके ऐसी खाद्य सामग्री है जिनमे अंडे से ज्यादा पौष्टिक तत्व हैं।

मैं नहीं खाती तो मेरा बच्चा कैसे खाएगा
केशरवानी महिला मंडल की स्मिता केशरवानी का कहना है कि चूँकि मैं स्वयं अंडा नहीं खाती हूं, इसलिए मैं चाहूंगी कि मेरा बच्चा भी अंडा मत खाए, सरकारी स्कूलों के मध्यान्ह भोजन में अंडा परोसे जाने के आदेश के पीछे सरकार की मंशा जरुर अच्छी होगी। लेकिन जब लोग विरोध कर रहे हैं तो इस आदेश का वापस ले लेना चाहिए।

अंडे के कई सब्सीट्युट्स हैं
शहर के प्रख्यात चिकित्सक डॉ.बीआर मोहनानी का कहना है कि मध्यान्ह भोजन में बच्चों को अंडा खिलाए जाने की सरकार की घोषणा का स्वागत किया जाना चाहिए। यह बच्चों के स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। लेकिन जब लोग इसका विरोध कर रहे हैं तो अंडे के विकल्प पर विचार किए जाना चाहिए। सोयाबीन, दूध, अंकुरित चना, गुड़, मूंगफ ली, बीन्स इत्यादि ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जिनमें अंडा से भी ज्यादा पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं।

 

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