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बस्ते के बोझ से विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा बुरा असर, नियमों की उड़ाई जा रही धज्जिया

Bhawna Chaudhary

Publish: Aug 09, 2019 22:00 PM | Updated: Aug 09, 2019 15:34 PM

Baloda Bazar

छोटे-छोटे बच्चे भारी-भरकम बस्ता लेकर स्कूल पहुंच रहे हैं। जिससे स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।

बलौदा बाजार. शालेय बच्चों (School student) का वजन कितना होना चाहिए, जिससे उन बस्तों को उठाने में नौनिहालों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो। इसके लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्पष्ट नियम बनाए हैं। इसका व्यापक प्रचार- प्रसार भी किया गया है। बावजूद इसके जिले के ज्यादातर निजी शालाओं में इन नियमों की ओर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। जिसके चलते छोटे-छोटे बच्चे भारी-भरकम बस्ता लेकर स्कूल पहुंच रहे हैं। जिससे स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।

विदित हो कि शासन द्वारा बच्चों की उम्र और शारीरिक बनावट को देखते हुए स्कूली बच्चों के बस्तों का वजन कम से कम करने के संबंध में स्पष्ट रूप से नियम बनाए हैं। इन नियमों को जिला स्तर पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जिले के सभी शासकीय तथा निजी शालाओं में निर्देशित करते हुए जारी किया जाता है, लेकिन जिले में इन नियमों का बेहद ही बुरा हाल है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में ही इन नियमों के संबंध में किसी जिम्मेदार अधिकारी को जानकारी नहीं है जिसकी वजह से जिले के ज्यादातर निजी शालाओं में इन नियमों को प्रदान ही नहीं किया गया है। प्रतिदिन भारी भरकम बस्ते लेकर स्कूल जा रहे हैं, जिससे उनकी पीठ, कमर में दर्द के साथ ही साथ हड्डियों में गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है।

इन विषयों पर पालकों की स्थिति बेहद दुविधापूर्ण रहती है जो स्कूल प्रशासन से भी कड़े शब्दों में कुछ नहीं कह सकते हैं। नगर के पालक गौतम कुमार, कुंदन यादव, आरती यादव, गीता मानिकपुरी, श्वेता पाण्डेय आदि ने बताया कि जिन पुस्तक-कॉपी का जिस रोज काम हो उसी को स्कूल प्रशासन यदि बस्ते में मंगाए तो बस्तों का वजन कम रहेगा, परंतु प्रतिदिन सभी किताब-कॉपी लेकर जाने से बस्ते हैवी हो रहे हैं। स्कूल से आते-आते बच्चे बेहद थक जाते हैं।

बस्तों के लिए क्या नियम हैं : मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा बस्तों के वजन को लेकर स्पष्ट गाइड लाइन है। पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों के बैग का वजन अधिकतम डेढ़ किग्रा, तीसरी से पांचवी तक की कक्षा के बच्चों के बैग का वजन अधिकतम दो से तीन किग्रा, छठवीं.सातवीं कक्षा के बच्चों के बैग का वजन अधिकतम चार किग्रा, आठवीं-नौंवी कक्षा के बच्चों के बैग का वजन अधिकतम 4.5 किग्रा और दसवीं कक्षा के बच्चों के बैग का वजन पांच किग्रा तय किया गया है। परंतु वर्तमान समय में स्कूली बच्चे निर्धारित वजन से दो गुने से अधिक वजन के बस्तों को लेकर स्कूल जा रहे हैं।