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नाले पर उफान आते ही टापू बन जाते हैं पांच गांव, हफ्तेभर तक बंद हो जाता है आवागमन

Bhawna Chaudhary

Publish: Sep 02, 2019 22:00 PM | Updated: Sep 02, 2019 15:59 PM

Baloda Bazar

बारिश के दिनों में झाखरपारा नाले में रपटे के ऊपर करीब आठ से दस फीट पानी बहता रहता है। वहीं पांच गांव के सैकड़ों ग्रामीणों का आवागमन करीब हफ्ते भर तक बाधित रहता है।

देवभोग. बारिश के दिनों में झाखरपारा नाले में रपटे के ऊपर करीब आठ से दस फीट पानी बहता रहता है। वहीं पांच गांव के सैकड़ों ग्रामीणों का आवागमन करीब हफ्ते भर तक बाधित रहता है। पांच गांव के सैकड़ों ग्रामीण कई बार बैठक कर जिम्मेदारों तक आवेदन कर पुल बनाने की मांग भी कर चुके हैं, लेकिन आज तक उनकी मांगों पर किसी तरह का उचित कदम नहीं उठाया गया। वहीं आज भी बारिश के दिनों में इसी तरह की परेशानियों के बीच जिन्दगी जीने को मजबूर हो जाते हैं।

इस समस्या की जानकारी जनचौपाल कार्यक्रम में पहुंचे कांग्रेस के विस प्रत्याशी रहे संजय नेताम को पांच गांव के ग्रामीणों ने दी। नेताम को जैसे ही ग्रामीणों ने जनसमस्या में इस तरह की परिस्थितियों से अवगत करवाया। वे तुुरंत ग्रामीणों के साथ नाला देखने के लिए निकल पड़े। वहीं नाले के निरीक्षण के दौरान युवा कांग्रेसी नेता ने मामले में संबंधित विभाग के अधिकारी से चर्चा भी की। नेताम ने ग्रामीणजनों को आश्वस्त किया कि पुलिया यहां की महती आवश्यकता है, ऐसे में तत्काल इस समस्या को प्रभारी मंत्री को अवगत करवाया जाएगा और इस समस्या का जल्द ही हल निकाला जाएगा।

ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दिनों में पतेलपारा, सरगीबहली, कोडक़ीपारा, गहटियापारा, आमपारा टापू में तब्दील हो जाता है। वहीं दौरे के दौरान प्रमुख रूप से कांग्रेसी नेता अरूण मिश्रा, कुंजलराम यादव, नंदू बघेल के साथ ही अन्य कांग्रेसी कार्यकर्तागण प्रमुख रूप से मौजूद थे।

नल-जल योजना को दुरूस्त करने की उठी मांग : मामले में जनचौपाल में पहुंचे डुमरबाहाल के सरपंच पदुनाथ यादव ने गांव की बदहाल नल-जल व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की। यादव ने कांग्रेसी नेता संजय नेताम को बताया कि गांव में करीब डेढ़ साल पहले नल-जल योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने के साथ ही टंकी बनाने का काम पूरा किया जा चुका है, लेकिन काम पूरा होने के बाद भी ग्रामीणजनों को एक बूंद पानी भी नल-जल योजना से नसीब नहीं हो पाया है।

सरपंच ने बताया कि पीएचई विभाग ने लाखों की लागत से नल-जल योजना के तहत पाइप लाइन का विस्तार किया है, लेकिन उसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिलने के कारण योजना शून्य हो गई है। वहीं समस्या को सुनने के बाद नेताम ने पीएचई के जिम्मेदार अधिकारियों से चर्चा करते हुए जल्द ही उचित कदम उठाए जाने का आश्वासन दिया है।