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पानी की कमी से खेतों की नमी खत्म, अगर हफ्ते भर में बारिश नहीं हुई तो...

Bhawna Chaudhary

Publish: Jul 26, 2019 15:52 PM | Updated: Jul 26, 2019 15:52 PM

Baloda Bazar

इस बार बारिश (Rain in Chhattisgarh) कम होने से खेतों से नमी चली गई है। वहीं, नमी जाने के चलते खेतों में पड़ रही दरारों के बीच किसानों की परेशानी बढऩे लगी है।

देवभोग. इस बार बारिश (Rain in Chhattisgarh) कम होने से खेतों से नमी चली गई है। वहीं, नमी जाने के चलते खेतों में पड़ रही दरारों के बीच किसानों की परेशानी बढऩे लगी है। वहीं अकाल की आशंकाओं के बीच कृषि विभाग ने भी अपने स्तर पर सर्वे का काम पूरा कर लिया है। सर्वे को लेकर वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी प्रदीप कुमार शर्मा का कहना है कि पानी नहीं होने से खेतों में दरार पडऩे लगी है। वहीं फसल भी सूख गई है।

शर्मा की माने तो आने वाले हफ्ते भर में यदि बारिश नहीं हुई तो ब्लॉक में 13 हजार 900 हेक्टेयर के रकबे में लगी धान की फसल लगभग 34 हजार एकड़ चौपट हो जाएगी। कृषि विभाग के सर्वे में पता चला है कि पानी की कमी के चलते फसल सूखने लगी है। ऐसी स्थिति में पानी ही फसल को बचाने का एकमात्र चारा है।

1200 एकड़ की फसल होने लगी हैं प्रभावित
मामले में कृषि विभाग के सर्वे में बताया गया है कि पानी की कमी के चलते 94 गांव की 1200 एकड़ की फसल भी खराब होने के कगार पर आ गई है। 1200 में से 400 एकड़ की फसल तो पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है, जबकि एक या दो दिनों के अंदर यदि खेतों तक पानी पहुंच जाता है तो 800 एकड़ की फसल को बचाया जा सकता है। कृषि अधिकारियों के मुताबिक एक से दो दिनों के अंदर यदि इन फसलोंं को पानी नहीं मिला तो पूरी तरह से खराब हो जाएंगे।

किसानों ने अब तक शुरू नहीं किया बियासी का काम
पुरनापानी के किसान शोभाचंद्र पात्र के साथ ही तुलसीदास की माने तो उन्होंने अपने खेतों में अब तक बियासी का काम शुरू नहीं किया है। ब्लॉक के 96 गांव के किसानों ने मौसम की बेरूखी को भांपते हुए अब तक बियासी का काम शुरू नहीं किया है। किसानों की माने तो अब तक जितनी मात्रा में पानी खेतों को मिलना था, उसका आधा हिस्सा भी नहीं मिल पाया है।

ऐसी स्थिति में अकाल जैसी आशंकाओं से इंकार नहीं किया जा सकता। किसान शोभाचंद्र की माने तो मुश्किल से चार से पांच दिन का ही वे इंतजार करेंगे, यदि इस बीच भी बारिश नहीं हुई तो उनके 15 एकड़ में बोया गया फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा।