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कब है अनंत चतुर्दशी, इस दिन व्रत करने से पूरी होती है सभी मनोकामना, जानिए पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Bhawna Chaudhary

Publish: Sep 09, 2019 14:16 PM | Updated: Sep 09, 2019 14:17 PM

Baloda Bazar

कब है अनंत चतुर्दशी जानिए पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा होती है। यह भाद्रपद के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी व्रत होता है।ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को यदि 14 वर्षों तक किया जाए तो व्रती को विष्णु लोक की प्राप्ति होती है। भगवान सत्यनारायण की तरह ही अनंत देव भी भगवान विष्णु को ही कहते हैं ऐसा माना जाता है कि व्रत रखने के साथ-साथ यदि जातक श्री विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र का पाठ करता है, तो उसकी समस्त मनोकामना पूर्ण होती है।

कब है अनंत चतुर्दशी, इस दिन व्रत करने से पूरी होती है सभी मनोकामना, जानिए पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

अनंत चतुर्दशी का व्रत करने से पूरी होती है मनोकामना
अनंत चतुर्दशी व्रत का बहुत अधिक महत्व माना गया है।इस बार 12 सितम्बर को अनंत चतुर्दशी मनाई जाएगी। मान्यताओं के अनुसार अनंत चतुर्दशी के दिन व्रत करने से जातक को धन संबंधी सभी परेशानियां दूर होती है, इसके अलावा पुत्र प्राप्ति की कामना भी पूरी होती है। माना जाता है की भगवान विष्णु इस दिन श्रद्धा पूर्वक व्रत करने वाले की सभी मनोकामना पूरी करते हैं व उसके सभी संकट भी हर लेते हैं। इसका जिक्र महाभारत में भी किया गया है। भगवान कृष्ण की सलाह से पांडवों ने भी इस व्रत को उस समय किया था। इसे करने दरिद्रता का नाश होता है। साथ ही दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य की समस्याओं से रक्षा होती है।

कब है अनंत चतुर्दशी, इस दिन व्रत करने से पूरी होती है सभी मनोकामना, जानिए पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

अनंत चतुर्दशी की पूजा विधि
इस दिन सुबह उठकर स्नान कर साफ व नए वस्त्र धारण करे। उसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। इसके बाद पूजा स्थल पर कलश की स्थापना करें। कलश पर अष्टदल कमल की तरह बने बर्तन में कुश से बने अनंत की स्थापना करें। आप चाहें तो भगवान विष्णु की कोई फोटो भी लगा सकते हैं। पूजा स्थल पर बैठकर एक डोरी या धागे में कुमकुम, केसर और हल्दी से रंगकर अनंत सूत्र बनाएं।

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फिर इसमें 14 गांठें बना दें। इसे भगवान विष्णु की को चढ़ा दें। अब भगवान विष्णु और अनंत सूत्र की विधि से पूजा शुरू करें।सबसे आखिरी में इस मंत्र का जाप करें अनंत संसार महासुमद्रे मग्रं समभ्युद्धर वासुदेव।अनंतरूपे विनियोजयस्व ह्रानंतसूत्राय नमो नमस्ते।। का जाप करें।

ब्राह्मण को कराए भोजन
जाप करने के बाद अनंत सूत्र को बाजू में बांध लें। याद रहे कि अनंत सूत्र पुरुष अपने दाएं हाथ पर बांधेंगे और महिलाएं बाएं हाथ पर। ऐसा करने के बाद ब्राह्मण को भोजन कराएं और सपरिवार प्रसाद ग्रहण करें।

अनंत चतुर्दशी शुभ मुहूर्त
अनंत चतुर्दशी पूजा मुहूर्त : 06:04:17 से 31:37:13 तक
शुभ मुहूर्त की अवधि : 25 घंटे 32 मिनट