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लाखों खर्च करके बनाया नया भवन फिर भी इस स्कूल में तीन कमरों में संचालित हो रही 5 कक्षाएं

Akanksha Agrawal

Publish: Jul 18, 2019 22:09 PM | Updated: Jul 18, 2019 16:40 PM

Baloda Bazar

शासन द्वारा लाखों रुपए खर्चा करके भवन बनाया गया, किंतु उक्त भवन बेकार साबित हो रहा है और हाईस्कूल के 18 बच्चे माध्यमिक शाला परिसर में पढ़ाई कर रहे हैं।

छुरा. ग्राम नागिनबाहरा में विगत तीन वर्ष पूर्व हाईस्कूल खोला गया तथा शासन द्वारा लाखों रुपए खर्चा करके भवन बनाया गया, किंतु उक्त भवन बेकार साबित हो रहा है और हाईस्कूल के 18 बच्चे माध्यमिक शाला परिसर में पढ़ाई कर रहे हैं। माध्यमिक शाला परिसर और हाईस्कूल भवन की दूरी लगभग आधा किमी दूर है।

कम बच्चों की वजह से शिक्षक भी नए भवन में स्कूल लगाना नहीं चाहते, किंतु संख्या कम होने की वजह से पूर्व माध्यमिक शाला में ही हाईस्कूल संचालित हो रहा है। यहां कक्षा नवमीं व दसवीं में कुल 18 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है, क्योंकि गांव विकासखंड के अंतिम गांव है, इसलिए आसपास के बच्चे महासमुंद व अन्य जिलों के स्कूलों में चल देते हैं, जहां ज्यादा सुविधाएं मिलती है।

दो कक्षाओं के लिए तीन शिक्षक की व्यवस्था है, बाकी पद रिक्त है। यहां पर माध्यमिक शाला की 3 कमरों में 5 कक्षाएं संचालित होती है जिसमें कुछ कमरों में 2-2 कक्षाएं लगती है। अभी से अंदाज लगा सकते हैं कि दूरस्थ अंचलों में पढ़ाई की क्या स्थिति होगी।

 

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साथ ही साथ अदूरदर्शिता पूर्ण निर्णय की वजह से लाखों का भवन आज बेकार साबित हो रहा है। अगर नए भवन में स्कूल का संचालन होता है तो माध्यमिक शाला के शिक्षक जो हाईस्कूल संचालन में सहयोग करते हैं वे सहयोग नहीं कर पाएगे और हाईस्कूल के लिए पर्याप्त मात्रा में शिक्षक की व्यवस्था नहीं है। इन परिस्थितियों में हाईस्कूल व माध्यमिक शाला का एक साथ संचालन किया जा रहा है। सरपंच चेतन ठाकुर ने बताया कि हाईस्कूल में बच्चों की संख्या कम है, इसलिए माध्यमिक शाला में संचालन किया जा रहा है। नए स्कूल भवन में ताला लगा हुआ है।

शिक्षकों की तबादला सूची में करीबियों का रखा ख्याल
पूरे प्रदेश में स्थानांतरण नीति लागू है और जिला में प्रभारी मंत्री की अनुशंसा पर जिले में व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी कलक्टर के आदेश पर विभाग प्रमुखों को है। विकास खंड छुरा के प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला में 66 शिक्षकों को अतिशेष बताकर सूची जारी कर दिया गया है। सूची तैयार करने में सही नियम का पालन नहीं किया गया है। जहां जूनियर शिक्षक का नाम होना चाहिए वहां सीनियर शिक्षक को अतिशेष बताकर सूची तैयार की गई है। सूची तैयार करने में अधिकारी द्वारा अपने करीबियों का ख्याल रखा गया है। आज भी कई प्राथमिक शाला में आवश्यकता से अधिक शिक्षक तैनात हैं, जो विभाग के सेटअप के अनुरूप नहीं है। इस बारे में विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्याम ने बतया की, शिक्षा व्यवस्था बनाने के लिए अतिशेष शिक्षकों का समायोजन किया जा रहा है। जो एक वर्ष के लिए किया गया है। वहीं इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी से संपर्क किया गया पर उन्होंने ने कॉल रिसीव नहीं किया।

 

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