स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन के छापामारी से मचा हड़कंप, खाद्य पदार्थों में मिलावट के प्रकरणों में 2 कारोबारियों को अर्थदंड

Bhawna Chaudhary

Publish: Jul 14, 2019 22:00 PM | Updated: Jul 14, 2019 15:47 PM

Baloda Bazar

खाद्य पदार्थों (Food items) में मिलावट के 2 प्रकरणों में कसडोल और लाहोद के दो कारोबारियों को न्यायालय ने 41 हजार रुपए का अर्थदंड सुनाया है।

भाटापारा (सूरजपुरा). खाद्य पदार्थों (Food items) में मिलावट के 2 प्रकरणों में कसडोल और लाहोद के दो कारोबारियों (businessmen) को न्यायालय ने 41 हजार रुपए का अर्थदंड सुनाया है। न्यायालय का यह फैसला एक तरफ जहां खाद्य एवं औषधि प्रशासन के लिए उत्साह बढ़ाने वाला है। वहीं, उन कारोबारियों के लिए चेतावनी है कि अब मिलावट पर की जा रही हर गतिविधि पर ना केवल प्रशासन की नजर है बल्कि कड़े दंड भी दिए सकते हैं।

जिला स्थापना के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन लगातार छापामार कार्यवाही कर रहा है। हडक़ंप तो है लेकिन इसके बावजूद इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगाया जा सका है, लेकिन ताजा फैसले के बाद इस कारोबार में अब भय का माहौल देखा जा रहा है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बीते बरस लाहोद और कसडोल के होटल और आइस कैंडी कारखाना में छापामार कर ऑरेंज बार और पेड़ा का सैंपल लिया था। इसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने प्रकरण लैब रिपोर्ट के साथ अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी न्यायालय में पेश किया था। इस दोनों प्रकरणों में दोनों संस्थानों के संचालकों पर न्यायालय ने अर्थदंड लगाया है।

41000 हजार रुपए का अर्थदंड
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी न्यायालय ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद संस्थान संचालकों को दोषी माना है। इसके बाद कसडोल के भोला आइस कैंडी के संचालक सुकनंदन साहू को 41000 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। दूसरे प्रकरण में लाहौर के उमंग होटल संचालक उमंग जायसवाल को अमानक पेड़ा बनाने और विक्रय करने के आरोप में 20000 रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

ये संस्थान जिन्हें अर्थदंड
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी उमेश वर्मा के नेतृत्व में कसडोल के भोला आइस कैंडी कारखाना में छापा मारकर ऑरेंज बार का सैंपल लिया था। इसमें स्क्रीन सेक्रीन का होना प्रमाणित हुआ था। इसी तरह लाहोद के उमंग होटल में जांच के दौरान संदेह होने पर पेड़ा का सैंपल लेते हुए प्रशासन की राज्य प्रयोगशाला में भेजा गया था इसमें यह अमानक होना पाया गया। साथ ही फैट की मात्रा भी मानक पर खरा नहीं उतरी। इन दोनों प्रकरणों में संस्थान संचालकों को दोषी पाया गया है।

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter और Instagram पर या LIVE अपडेट के लिए Download करें patrika Hindi News