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शिक्षक के लिए एक साल से बीईओ कार्यालय का चक्कर काट रहे खैरीडीह के ग्रामीण

Chandra Kishor Deshmukh

Publish: Sep 22, 2019 08:28 AM | Updated: Sep 22, 2019 00:04 AM

Balod

डौंडीलोहारा ब्लॉक मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर प्राथमिक शाला खैरीडीह के ग्रामीण एक साल से शिक्षक की कमी पूरी करने बीईओ कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, परंतु अब तक शिक्षक की मांग पूरी नहीं की गई है।

बालोद/डौंडीलोहारा @ patrika . ब्लॉक मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर प्राथमिक शाला खैरीडीह के ग्रामीण एक साल से शिक्षक की कमी पूरी करने बीईओ कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, परंतु अब तक शिक्षक की मांग पूरी नहीं की गई है।

एक साल से सिर्फ आश्वासन
ग्रामीणों व शाला प्रबंधन सामिति का आरोप है कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी आरसी देशलहरा को लगातार आवेदन दिया गया है। बावजूद वे ध्यान नहीं दे रहे हैं। एक साल से सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है। जिससे बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सूरत सिन्हा व अन्य ने बताया कि 94 बच्चों की दर्ज संख्या वाले प्राथमिक शाला में चार शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन सिर्फ तीन शिक्षक दिलेश्वरी साहू, दुलारी खरे, पन्ना लाल साहू ही कार्यरत हैं, जबकि एक अन्य शिक्षक गेंदलाल साहू को 2 साल से सीएसी बना दिया गया है।

गलत तरीके से की गई सीएसी की नियुक्ति
शिक्षा विभाग के सूत्रों ने बताया कि सीएसी के पद पर नियुक्ति के लिए कुछ योग्यता व पात्रता का होना जरूरी है, जिसमें वर्ग 2 का शिक्षक होना या यूडीटी शिक्षक होना, पूर्व माध्यमिक शाला का सीनियर शिक्षक होना जरूरी है। जिसके लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने डीपीसी व जिला शिक्षा अधिकारी को प्रस्ताव भेज अनुशंसा की जाती है। यहां नियमों का खुला उल्लंघन कर प्राथमिक शाला में पदस्थ वर्ग 3 के शिक्षक को अस्थायी नियुक्ति के नाम पर सीएसी के पद पर कोडकसा संकुल में पदस्थ किया गया है, जो गलत है। ग्रामीणो ने मांग की है कि उक्त शिक्षक को सीएसी पद से हटाकर शाला में संलग्न किया जाए।

नियमों का किया जा रहा उल्लंघन
डौंडीलोहारा विकासखंड में विभाग ने कुल 24 संकुल समन्वयकों (सीएसी) की नियुक्तियां की हैं। जिसमें से कुछ की नियुक्ति नियमों को ताक में रखकर की गई हैं। कोडकसा संकुल के अलावा भंवरमरा, किल्लेकोड़ा, रानाखुज्जी ऐसे संकुल है, जहां या तो प्राथमिक शाला के शिक्षकों या फिर वर्ग तीन के शिक्षकों को अस्थायी नियुक्ति के नाम पर जि?मेदारों ने नियमों का उल्लंघन कर सीएसी बना दिया है, जिससे ये अपनी मूल पदस्थापना में बच्चों को पढ़ाने नहीं जा रहे हैं।

सामने आ रहे शिक्षकों की कमी के मामले
डौंडीलोहारा विकासखंड के अंतर्गत प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला व हाईस्कूल में इन दिनों शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीण लगातार नाराजगी जता रहे हैं। हाल ही में खरथुली हाईस्कूल में इसके लिए तालाबंदी भी की गई थी। स?बलपुर व जतादाह स्कूल में भी शिक्षकों की कमी है। ऐसे में नियम विरुद्ध तरीके से शिक्षा अधिकारी सीएसी पद पर शिक्षकों की नियुक्ति कर रहे हैं, जिससे कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

शिक्षक की कमी की जानकारी नहीं
विकासखंड शिक्षा अधिकारी डौंडीलोहारा आरसी देशलहरा ने कहा कि खरथुली प्राथमिक शाला में शिक्षक की कमी की जानकारी है। कई संकुलों में सीएसी नहीं मिलने पर काम चलाने अस्थायी रूप से इस पद के लिए योग्यता नहीं रखने वाले शिक्षकों को सीएसी बनाया गया है। खरथुली स्कूल में अब तक शिक्षक की कोई व्यवस्था नहीं हुई है। मामला विचाराधीन है।

बच्चों की पढ़ाई के साथ खिलवाड़ करने वाले शिक्षक व अधिकारी पर हो कार्रवाई
प्राथमिक शाला खैरीडीह शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष सुराज सिन्हा ने कहा कि बीईओ से बार-बार शिक्षक की मांग करने के बाद भी एक साल से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। शिक्षक की सीएसी पद पर नियम विरुद्ध नियुक्ति से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बच्चों की पढ़ाई के साथ खिलवाड़ करने वाले शिक्षक व अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।