स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

आप तो नहीं करते ऐसी गलती : सेल्फी लेते दो युवक गिरे तांदुला में

Chandra Kishor Deshmukh

Publish: Sep 11, 2019 08:00 AM | Updated: Sep 10, 2019 22:53 PM

Balod

बालोद जिले के सबसे बड़े जलाशय तांदुला में सेल्फी लेना धमतरी के पर्यटकों को लापरवाही भारी पड़ गई। सेल्फी लेते हुए पैर फिसल गया 10 फीट गहरे पानी में गिर गया। गनीमत यह रही कि पर्यटक किसी तरह तैरकर बाहर निकल गया। घटना सुबह साढ़े 10 बजे की बताई गई है।

बालोद @ patrika. जिले के सबसे बड़े जलाशय तांदुला में सेल्फी लेना धमतरी के पर्यटकों को लापरवाही भारी पड़ गई। सेल्फी लेते हुए पैर फिसल गया 10 फीट गहरे पानी में गिर गया। गनीमत यह रही कि पर्यटक किसी तरह तैरकर बाहर निकल गया। घटना सुबह साढ़े 10 बजे की बताई गई है।

दुर्घटना के बाद पर्यटकों की भीड़ लग गई
धमतरी जिले के ग्राम गुजरा के तीन युवक सियादेवी घूमने आए थे। तीनों सियादेवी से तांदुला जलाशय के ओवरफ्लो दीवार पर चढ़कर लबालब भरे पानी के साथ सेल्फी ले रहे थे। तीन एक युवक का पैर फिसलने से तांदुला में गिर गया था। यही नहीं गिरते वक्त अपने एक साथी का कपड़ा पकड़ लिया जिससे उसके दूसरे साथी भी तांदुला में गिर गए। दोनों तैरना जानते थे इसलिए तैरकर बाहर आ गए। इस दुर्घटना के बाद पर्यटकों की भीड़ लग गई थी। दुर्घटना के बाद तीनों पर्यटक चले गए।

सुरक्षा के नहीं इंतजाम
बारिश के कारण तांदुला जलाशय लबालब भरा हुआ है। तांदुला को छलकने में अब मात्र 3.50 फीट ही पानी चाहिए। ऐसे में तांदुला को देखने बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचतेे है। लोग तादुंला के ओवरफ्लो स्थल जहां पर लोगं की मनाही रहती है वहां जाकर सेल्फी लेते हैं। उन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं है। पर्यटकों को खतरे से आगाह कराने वाला और सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। यही कारण है कि हर साल लोग जलाशय में हरते हैं। वहां पर ना तो नगर पालिका प्रशासन ना ही सिंचाई और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। दुर्घटना के बाद सबसे ज्यादा परेशानी पुलिस विभाग को होती है।

आखिर कब चेतेंगे पर्यटक और कब जागेगा विभाग
जिले के पर्यटन स्थलों में जितने भी घटनाएं घटी हैं। इन घटनाओं में सबसे ज्यादा लापरवाही पर्यटकों की देखी गई है। पर्यटन व जिला प्रशासन सहित संबंधित विभागों ने सुरक्षा कर्मी की व्यवस्था भले ही नहीं की हो पर सूचना बोर्ड लगाकर जरूर पर्यटकों को जागरूक करने का प्रयास किया है। यहां आने वाले पर्यटक सूचना बोर्ड को नहीं पढ़ते हैं। यदि पढ भी लिया तो जिद में सूचना में नजरअंदाज कर प्रतिबंधित क्षेत्र में जाते हैं। और मौत को गले लगा लेते है। लोगों का कहना है कि पर्यटन स्थलों में एक सुरक्षा कर्मी को तैनात किया जाए, जिससे लापरवाह पर्यटकों को प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने से रोका जा सके।

तांदुला जलाशय के ओवरफ्लो दीवार परखड़े होकर सेल्फी लेते युवक।
IMAGE CREDIT: balod patrika

पुराने हादसों से नहीं लिया सबक, पर्यटक बांध की दीवारों पर चढ़कर ले रहे सेल्फी
जिले के पर्यटन स्थलों में लगातार घटना घट रही है। अभी तक संबंधित विभाग सुरक्षा के कोई उपाय नहीं कर रहा है। विभाग ने पूर्व की घटनाओं से सबक नहीं लिया है। जिले के पर्यटन स्थल सियादेवी, तांदुला जलाशय में पहले भी पर्यटक और विभाग की लापरवाही के कारण घटना घट चुकी है और अब जिले के पिकनिक स्थल खरखरा जलाशय में भी यह लापरवाही देखने को मिली। इस बार भी पर्यटकों व विभाग की लापरवाही के कारण एक और घटना घट गई। इन दिनों तांदुला जलाशय लबालब भरा हुआ है। पर्यटक फिर वही पुरानी गलती दोहरा रहे हैं। तांदुला के ओवरफ्लो दीवारों में चढ़कर सेल्फी ले रहे हंै। ऊंची दीवारों पर चढऩे से उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है।

ड्राइवर की लापरवाही से हुई चार की मौत
बीते दिनों केरी जुगेरा नाले में ड्राइवर की लापरवाही से 4 लोगों की मौत हो गई। उससे पहले खरखरा जलाशय में डूबने से दो पर्यटकों की मौत के बाद भी पर्यटक लापरवाही बरत रहे हैं।

पिकनिक मनाने गए दो शिक्षकों की तांदुला में डूबने से हुई थी मौत
बीते साल तांदुला जलाशय के खल्लारी क्षेत्र में पिकनिक मनाने गए लगभग 10 शिक्षक नाव में सवार होकर तांदुला जलाशय को पार कर रहे थे। जलाशय लबालब भरने और नाव में क्षमता से अधिक लोग बैठने के कारण नाव में पानी भर गया था। इस घटना में दो शिक्षक की जलाशय में डूबने से मौत हो गई थी। इन शिक्षकों ने न तो अपने साथ बचाव की कोई भी सामग्री नहीं रखी थी।

जलाशयों में बिना सुरक्षा करते हैं नाव की सैर
जिले के पर्यटन स्थल जलाशयों व जल प्रपातों में अक्सर पर्यटकों की लापरवाही और जिद की वजह से ही घटना घट जाती है। इसमें वे अपनी जान गवां बैठते हैं। साथ ही पर्यटन विभाग की बड़ी गलती यह भी है कि पर्यटकों को खुली छूट दे रखे हंै। बीते साल भी भिलाई से पिकनिक मनाने खरखरा जलाशय आए पर्यटकों ने भी यही गलती की। सूचना बोर्ड में लिखे निर्देशों को बिना पढ़े ही जिद में प्रतिबंधित क्षेत्र में अपनी बस ले गए। नतीजा यह हुआ कि बस हाइटेंशन बिजली के तार से टकरा गई और बस में करंट दौड़ गया जिससे एक पर्यटक की मौत हो गई।

सिया देवी के झरने से गिरने से हुई थी पर्यटक की मौत
छह साल पहले जिले के पर्यटन स्थल सियादेवी के प्राकृतिक झरने से गिरने से एक पर्यटक की मौत हो गई थी। इस घटना बाद तो झरने के पास लोहे की जाली लगाई गई है पर यह भी अब टूट चुकी है। जानकारी के मुताबिक यहां आने वाले पर्यटक झरने के ऊपर भाग से उसे देखने भी जाते हैं पर यह प्रतिबंधित क्षेत्र हैं। पर्यटकों की जिद और विभाग की ओर से सुरक्षा के इंतजाम नहीं करने के कारण लोग घटना के शिकार हो जाते हैं। यही नहीं अभी भी पर्यटक लापरवाही करते नजर आते हैं। इन पर्यटकों को रोकने वाला कोई नही है। इससे कभी भी बड़ी घटना घट सकती है।