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एलओसी पर डटे रहे पर आतंकियों को घुसने नहीं दिया इस जवान ने

Chandra Kishor Deshmukh

Publish: Sep 11, 2019 08:20 AM | Updated: Sep 10, 2019 23:46 PM

Balod

देश की सुरक्षा के लिए भारत-पाक सीमा पर 18 वर्ष तक दुश्मन पर पैनी नजर रखने और आतंकियों से लोहा लेने के बाद बालोद विकासखंड के ग्राम पोंडी निवासी रविन्द्र कुमार टेमरिया (36) जब रविवार को सेवानिवृत्त होकर अपने गांव पहुंचे तो लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत और सम्मान किया।

एलओसी पर डटे रहे पर आतंकियों को घुसने नहीं दिया इस जवान ने
बालोद @ patrika . देश की सुरक्षा के लिए भारत-पाक सीमा पर 18 वर्ष तक दुश्मन पर पैनी नजर रखने और आतंकियों से लोहा लेने के बाद बालोद विकासखंड के ग्राम पोंडी निवासी रविन्द्र कुमार टेमरिया (36) जब रविवार को सेवानिवृत्त होकर अपने गांव पहुंचे तो लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत और सम्मान किया। इसके बाद उनके साथ युवाओं का काफिला चल पड़ा। फूल मालाओं से लदे हुए इस सैनिक को देखकर हर कोई गर्व करता दिखा। वहीं रविन्द्र भी ऐसा स्वागत देखकर भाव विभोर हो उठे।

ऐसा रहा सेना में सफर
रविन्द्र ने अपने गांव पोंडी के शासकीय स्कूल में बारहवीं की पढ़ाई के बाद आठ अप्रैल 2002 को सेना में ज्वाइन किया। प्रथम प्रशिक्षण आर्मी प्रशिक्षण संस्थान नासिक में हुआ। उसके बाद सेना के आरकेटी रेजिमेंट समर्च यूनिट में रहकर बिनगुड़ी जम्मू (एलओसी) बुरेज सेंटर, नासीराबाद राजस्थान, अंबाला व हरियाणा बॉर्डर पर सेवा दी। 31 अगस्त 2019 को सेना से रिटायरमेंट हो गया।

एलओसी में भारत- पाक बॉर्डर पर रखते थे निगरानी
रविन्द्र जम्मू के एलओसी भारत-पाक बॉर्डर पर बुरेज सेंटर में रहकर ढाई साल देश की रक्षा की। यह वह बॉर्डर है, जिसकी रखवाली कर देश के जवान भारत की रक्षा करते हैं। यहां पाकिस्तानी आतंकियों की गतिविधि ज्यादा रहती है। 24 घंटे इस बॉर्डर की निगरानी व दुश्मनों पर पैनी नजर रखते थे। देश के जवानों की रातभर सेवा देने के कारण ही हम चैन की नींद सोते हैं।

एलओसी जम्मू पर सेवा देना रहा यादगार पल
रविन्द्र ने बताया कि उनकी आर्मी में रहकर देश के लिए सेवा देने में सबसे यादगार पल जम्मू एलओसी (भारत -पाक) सीमा पर ड्यूटी रही। पाकिस्तानी सैनिकों की नापाक हरकत और आतंकियों की घुसपैठ पर निगरानी करना, सबसे बड़ा व जीवन का यादगार पल है। एलओसी पर अक्सर फायरिंग होती रहती है और भारत की सेना की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई की जाती है।

सम्मान पाकर भावुक हो गए
रविवार को जब ग्रामीणों ने रविन्द्र का सम्मान किया तो वे भावुक हो गए और कहा कि यह सम्मान जिंदगीभर नहीं भूलूंगा पर आज भी देश को मेरी जरूरत पड़ी तो रक्षा के लिए बॉर्डर पर जाकर दुश्मनों से लड़ूंगा। बालोद थाना प्रभारी व डीएसपी अमर सिदार ने भी ग्राम पोंडी पहुंचकर इस सेवानिवृत्त जवान का सम्मान किया और कहा कि हमें गर्व है। आप युवाओं के लिए प्रेरणा भी हो।