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किसानों ने धान खरीदी केंद्रों में मचाया हंगामा दोपहर के बाद शुरू हुई तौलाई

Chandra Kishor Deshmukh

Publish: Dec 11, 2019 17:20 PM | Updated: Dec 11, 2019 17:20 PM

Balod

बालोद जिले के 69 सेवा सहकारी समिति के 110 धान खरीदी केंद्रों में मात्रा कम करने का किसानों ने जमकर विरोध जताया। मंगलवार को जिले के दर्जनभर केंद्रों में नए नियम और विरोध प्रदर्शन के कारण दोपहर बाद खरीदी शुरू हो पाई।

बालोद @ patrika. जिले के 69 सेवा सहकारी समिति के 110 धान खरीदी केंद्रों में मात्रा कम करने का किसानों ने जमकर विरोध जताया। मंगलवार को जिले के दर्जनभर केंद्रों में नए नियम और विरोध प्रदर्शन के कारण दोपहर बाद खरीदी शुरू हो पाई। @ patrika ग्राम गुदुम और डौंडी खरीदी केंद्र में किसानों ने जमकर हंगामा मचाया। हंगामे को देख तहसीलदार खरीदी केंद्र में पहुंचे किसानों को समझाया। धान खरीदने का निर्णय के बाद दोपहर एक बजे से खरीदी हुई। इसी तरह खरीदी केंद्र संजारी में खरीदी नहीं हुई। यहां भी किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते विरोध जताया।

वापस जाने के निर्देश पर किसान भड़क गए और कर दिया जमकर हंगामा
सेवा सहकारी समिति प्रबंधक डौडी केआर देवांगन ने बताया कि डौंडी व गुदुम में पहले से ही 20 हजार कट्टा धान खरीदने का टोकन दिया गया था। अचानक नियम में परिवर्तन से डौंडी में 920 तथा गुदुम में 420 कट्टा धान खरीदने का आदेश कंप्यूटर में आ गया। दोनों खरीदी केंद्र में दो हजार कट्टा धान लेकर किसान पहुंचे थे। कई किसानों को वापस जाने के निर्देश पर किसान भड़क गए और जमकर हंगामा कर दिया।

कब मिलेगी राहत अधिकारी को भी मालूम नहीं
यह पहली बार हो रहा है जब धान खरीदी के पहले सप्ताह में ही परेशानी उठानी पड़ रही है। कब तक नए नियम के तहत खरीदी होगी यह जिम्मेदार अधिकारी भी नहीं बता पा रहे हैं।

110 केंद्रों में 7 लाख क्विंटल धान जाम
जिले के 69 समितियों में कुल 110 धान खरीदी केंद्रों में अब तक कुल 20 हजार 194 किसानों ने 7 लाख 41,213 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। धान का परिवहन नहीं होने से जाम की स्थिति है।

संजारी में खरीदी बंद
डौंडीलोहारा ब्लाक के संजारी खरीदी केंद्र में खरीदी बंद रही। यहां एक सप्ताह के अनुासर टोकन बांट दिए थे। अचानक लिमिट कम करने से खरीदी बंद कर दी गई। केंद्र प्रभारी हंसराज प्रजापति ने बताया अचानक नए नियम के बाद किसानों में नाराजागी रही। नाराजगी के चलते खरीदी बंद करना पड़ा।

आंदोलन की चेतावनी
किसान राजू , चन्द्रेश, पुरुषोत्तम, सुदामा ने बताया कि मिंजाई के बाद समर्थन मूल्य पर धान बेचने टोकन लिए हैं। अब लिमिट सिस्टम ने किसानों को परेशान कर रहा है। किसानों को परिवार चलाने रुपए की जरूरत है। ऐसी ही स्थिति रही और किसान परेशान होते रहे तो आंदोलन का ही रास्ता बचता है।

[MORE_ADVERTISE1]एसडीएम व तहसीलदार के सामने किसानों ने किया विरोध प्रदर्शन, समझाइश का नहीं हुआ असर
IMAGE CREDIT: balod patrika
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एसडीएम व तहसीलदार के सामने किसानों ने किया विरोध प्रदर्शन, समझाइश का नहीं हुआ असर

दल्लीराजहरा @ patrika. सेवा कहकारी केंद्रों में निर्धारित मात्रा से कम धान खरीदी किए जाने और एक किसान से सिर्फ 25 क्विंटल खरीदी आदेश के विरोध में किसानों ने खरीदी केन्द्र शिकारीटोला में धरना प्रदर्शन किया। शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। इस दौरान खरीदी लगभग 6 घंटे तक बंद रहा। मंगलवार को शिकारीटोला खरीदी केन्द्र में किसान धान बेचने पहुंचे थे, जहां आधे धान खरीदी की बात कही गई। इस पर किसानों उपज बेचने से इनकार करते मुख्य द्वार पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।

केंद्र में धान छोडऩे की दी चेतावनी
धरना प्रदर्शन की सूचना पर अनुविभागीय दंडाधिकारी रामसिंह ठाकुर, तहसीलदार प्रतिमा ठाकरे ने पहुंचकर किसानों को समझाने का प्रयास किया। किसानोंं ने प्रदर्शन जारी रखा। किसानों का कहना था कि पूर्व में लिए टोकन के अनुसार धान नहीं खरीदने की बात समिति प्रबंधक द्वारा कही जा रही है। इसके अलावा एक किसान से 25 क्विंटल धान खरीदा जाएगा। किसानों ने यह भी कहा कि समिति द्वारा दिए टोकन के अनुसार यदि धान नहीं खरीदा गया तो धान सोसायटी में ही छोड़ेंगे। अधिकारियों द्वारा मान मनौव्वल के बाद किसानों ने धरना प्रदर्शन समाप्त किया। शाम लगभग 4 बजे से धान खरीदी शुरू हुई।

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