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यूनिफार्म के लिए खदान कर्मचारियों ने बंद किया काम, दो हजार टन उत्पादन प्रभावित

Chandra Kishor Deshmukh

Publish: Jul 20, 2019 08:09 AM | Updated: Jul 19, 2019 23:40 PM

Balod

दल्ली यंत्रीकृत खदान के प्रचालन व ड्रिलिंग विभाग के डंपर, शावेल व ड्रील के सैकड़ों कर्मचारियों ने यूनिफार्म नहीं दिए जाने के विरोध में सुबह 6 बजे प्रथम पाली में काम बंद कर दिया। कर्मचारियों के इस कदम से आवाक प्रबंधन ने कर्मचारियों से चर्चा की और 22 जुलाई से यूनिफार्म वितरण के आश्वासन पर सुबह 10.30 बजे काम शुरू किया।

बालोद/दल्लीराजहरा @ patrika. दल्ली यंत्रीकृत खदान के प्रचालन व ड्रिलिंग विभाग के डंपर, शावेल व ड्रील के सैकड़ों कर्मचारियों ने यूनिफार्म नहीं दिए जाने के विरोध में सुबह 6 बजे प्रथम पाली में काम बंद कर दिया। कर्मचारियों के इस कदम से आवाक प्रबंधन ने कर्मचारियों से चर्चा की और 22 जुलाई से यूनिफार्म वितरण के आश्वासन पर सुबह 10.30 बजे काम शुरू किया।

दो साल से यूनिफार्म नहीं दिया गया
संयुक्त खदान मजदूर संघ के उपाध्यक्ष अरविंदम चौधरी ने बताया कि प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों दो साल से यूनिफार्म नहीं दिया गया है। इसी के विरोध में काम बंद आंदोलन को 4 घंटे 30 मिनट तक चलाया गया। सुबह लगभग 9.30 बजे दो अधिकारियों ने आंदोलन स्थल पर कर्मचारियों से चर्चा की।

अतिरिक्त कार्य कर करेंगे घाटे की भरपाई
इस चर्चा मेंं प्रबंधन की ओर से कहा गया कि 22 जुलाई से कर्मचारियों को मिलने वाला 2018 का यूनिफार्म तथा गरम कपड़ा वितरण कर दिया जाएगा। 23 जुलाई को संघ के प्रतिनिधियों को जानकारी दे दी जाएगी। इस आंदोलन से प्रबंधन को लगभग 2 हजार टन लौह अयस्क उत्पादन मेंं कमी आई। जिसका एहसास कराते हुए आंदोलनरत कर्मचारियों ने प्रबंधन से इस पाली में 1 घंटे 30 मिनट अतिरिक्त कार्य कर उस 2 हजार टन के घाटे की भरपाई की बात कही। इस आंदोलन में नरेन्द्र जनबंधु, एके पाठक, पुरुषोत्तम सिंह, होमन साहू, शिव चालके, निंटू दत्ता, संजय देवनाथा, मृत्युंजय सुतार, बीबी पांडे, आर मूर्ति, एसके नार्डे, एके मिश्रा, सत्यवान साहू सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।