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तेज रफ्तार वाहनों जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाएं

Chandra Kishor Deshmukh

Publish: Nov 09, 2019 08:05 AM | Updated: Nov 08, 2019 23:42 PM

Balod

बालोद जिले में तेज रफ्तार वाहनों का कहर थमने का नाम ही नहीं ले रही। सड़कों पर मौत की रफ्तार में दौड़ रही बसों पर लगाम लगाने किसी का ध्यान नहीं है। यही वजह है कि लगातार सड़क दुर्घटनाएं घटने के बजाए बढ़ रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को झलमला के पास तेज रफ्तार बस द्वारा खड़े ट्रक को ठोकर मारने के बाद सवार 40 लोग बाल बाल बचे थे।

बालोद @ patrika . जिले में तेज रफ्तार वाहनों का कहर थमने का नाम ही नहीं ले रही। सड़कों पर मौत की रफ्तार में दौड़ रही बसों पर लगाम लगाने किसी का ध्यान नहीं है। यही वजह है कि लगातार सड़क दुर्घटनाएं घटने के बजाए बढ़ रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को झलमला के पास तेज रफ्तार बस द्वारा खड़े ट्रक को ठोकर मारने के बाद सवार 40 लोग बाल बाल बचे थे। जिले में बीते 10 माह में ही 361 सड़क दुर्घटनाओं में 355 लोग घायल हुए और 147 लोगों ने जान गंवाई थी।

बसों में यात्री बैठाने कीे चल रही प्रतिस्पर्धा
जिले में बस चालकों में जल्द स्टॅाप तक पहुंचकर सवारी बैठाने की प्रस्पिर्धा चल रही है। यही वजह है कि यात्री बस तेज रफ्तार से सड़कों पर दौड़ रही है। चालक ज्यादा बैठाने के चक्कर में यात्रियों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे तेज र?तार वाहनों के खिलाफ यातायात पुलिस द्वारा कार्रवाईका अभाव है। कार्रवाई नहीं होने या यातायात पुलिस की शह पर चालक बसों तेज रफ्तार में दौड़ाते हैं।

आखिर कब लगेगी रफ्तार पर लगाम
जिले की सड़कों पर लगातार दुर्घटनाएं बढ़ रही है। इसे देखते हुए भी जिम्मेदार लोग मौन है। जनता सवाल उठा रही है कि आखिर कब तेज रफ्तार बसों पर लगाम लगेगी।

सबसे ज्यादा मौत सिर पर चोट लगने से
विभागीय आंकड़े के मुताबिक जिले में अब तक जितनी भी सड़क दुर्घटनाएं हुई है। उसमें से अधिकतर नशे में वाहन चालने और सिर पर चोट लगने के कारण मौतें हुईहै। जिला पुलिस व यातायात विभाग द्वारा हर साल जागरूकता अभियान चलाया जाता है। अभियान के तहत लोगों को खासकर युवाओं को कॉलेजो में जाकर जागरूक किया जाता है। इसके बाद भी लोग वाहन चलाने में लापरवाही और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं। दो पहयिा वाहन चालक हेलमेट नहीं लगाते हैं। तेज रफ्तार और बिना हेलमेट नशे में वाहन चलाने ने दुर्घटनाए घट रही है।

सड़क किनारे लगे ट्रैफिक नियमों की अनदेखी
पुलिस विभाग द्वारा जिले के चिंहित दुर्घटनाजन्य स्थलों पर सूचना बोर्ड लगाया गया है। दुर्घटना में हुई मौत के आंकड़े भी दर्शाया गया है इसके बाद भी लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं इसका एकमात्र कारण नियमों और बोर्ड की अनदेखी है।

इस साल जिले में सड़क दुर्घटना में मौत के आंकड़े
माह-दुर्घटना-मौत-घायल
जनवरी-40-20- 41
फरवरी-39-14- 40
मार्च-39-15-31
अप्रैल-32-12-22
मई-38-21-32
जून-37-22-31
जुलाई-33-13- 57
अगस्त-34-06-38
सितंबर-33-11-36
अक्टूबर-36-13-27

जिले के 15 जगह सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं
पुलिस प्रशासन ने जिले के 15 ऐसे जगहों को ब्लैकस्पॉट के रूप में चिंहित किया है जहां पर सबसे अधिक दुर्घटनाएं और लोगों की मौत हुई है। ऐसे चिंहित जगहों पर हर साल लगभग 10 लोग काल के गाल में समा जाते हैं। जानकारी के मुताबिक ग्राम चिटौद, बालोदगहन, जगतरा, मुंजालगोंदी, पुरुर, राजाराव पठार, मरकाटोला, झलमला, सिवनी मोड़, गंजपारा, अरमुरकसा, कुसुमकसा, करिया टोला, पथराटोला, जमही को ब्लैकस्पॉट घोषित किया गया है।

हेलमेट की जगह पहनते हैं स्कॅार्फ
आज नई पीढ़ी दो पहयिा वाहन चालते समय हेलमेट की जगह स्कार्फ पहन कर खुद को सुरक्षित समझने लगते है। स्कॅार्फ भी सड़क दुर्घटना होने का एक कारण हैं। इसके बदले हेलमेट पहना चाहिए।

नियमों का पालन की अपील
एसपी एमएल कोटवानी ने बताया कि लापरवाही व नियम विरुद्ध वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। साथ ही समझाइश भी दी जा रही है। विभाग सभी से अपील करता है कि वाहन हमेशा यातायात नियम के तहत बिना नशे और हेलमेट पहनकर चलाए।

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