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न भवन की कोई व्यवस्था न शिक्षकों की, अधूरी व्यवस्थाओं के बीच सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ रहे 159 बच्चे

Chandra Kishor Deshmukh

Publish: Sep 17, 2019 08:25 AM | Updated: Sep 17, 2019 00:13 AM

Balod

डौंडीलोहारा विकासखंड में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्थानीय जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही व शासन की योजनाओं में दूरदर्शिता की कमी के चलते सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल के बच्चे अव्यवस्थाओं के बीच पढ़ रहे हैं।

बालोद/डौंडीलोहारा @ patrika. डौंडीलोहारा विकासखंड में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्थानीय जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही व शासन की योजनाओं में दूरदर्शिता की कमी के चलते सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल के बच्चे अव्यवस्थाओं के बीच पढ़ रहे हैं। यहां न स्कूल भवन और न ही स्थायी शिक्षक। कृषि विभाग के आरएलई भवन व जनपद पंचायत के पुराने जर्जर भवन में यह स्कूल चल रहा है।

कार्यप्रणाली पर भी उठ रहे सवाल
शासन की योजना के अनुसार प्रत्येक विकासखंड में चलाया जाने वाला यह स्कूल 2018-19 से भवन के अभाव में पहले पुराने जर्जर बीईओ कार्यालय में संचालित था। तब 2 कक्षाएं लगती थीं। इसके बाद 4 कक्षाएं लगने लगी तो पालक सामिति के अध्यक्ष ने महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री अनिला भेडिय़ा को पत्र लिख अतिरिक्त कमरे की मांग की। इसके लिए खाली पड़े जर्जर भवनों की खनिज न्यास या अन्य किसी मद से मरम्मत की मांग की। इसके बाद इन दोनों विभागों से सहमति लेकर स्कूल के संचालन की बात जिम्मेदार कह रहे हैं। लेकिन इस संबंध में सहमति से संबंधित कोई दस्तावेज होने से विकासखंड व जिले के शिक्षा अधिकारी इनकार कर रहे हैं। ऐसे में इनकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

एक ही परिसर में है मनरेगा कार्यालय, स्कूल व विधायक कार्यालय
भवन के अभाव में जिस कृषि विभाग व जनपद पंचायत डौंडीलोहारा से सहमति लेकर स्कूल संचालन की बात शिक्षा अधिकारी कह रहे हैं। वहां जनपद पंचायत का मनरेगा कार्यालय एवं स्थानीय विधायक अनिला भेडिय़ा का कार्यालय होने के कारण दिनभर बाहरी लोगों का आना जाना लगा रहता है। लंच या ब्रेक टाइम में उसी परिसर में बच्चे भी खेलते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

सीबीएसई की चार कक्षाएं लग रही
वर्तमान में इस सीबीएसई स्कूल में कक्षा एक और दो, छठवीं व सातवीं संचालित की जा रही हैं, जहां की कुल दर्ज संख्या लगभग 159 है।

स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति भी नहीं
इंग्लिश स्कूल में शिक्षकों की नियमित व्यवस्था नहीं करने से इस स्कूल में ब्लॉक के अन्य सरकारी स्कूलों से शिक्षकों को संलग्न कर काम चलाया जा है। कुछ शिक्षकों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि शासन ने बिना किसी व्यवस्था के इन स्कूलों को शुरू कर दिया है। जहां न भवन की व्यवस्था है और न ही स्थायी शिक्षकों की।

दूसरे विभाग के भवन में स्कूल लगाना गलत
जानकारी देते हुए एक पूर्व जिला कृषि अधिकारी एसएन ताम्रकार ने बताया कि इस तरह दे एक विभाग से अपने लिए बनाए गए भवन को मनमर्जी से सहमति के नाम पर तब तक दूसरे विभाग को इस्तेमाल के लिए नहीं दिया जा सकता जब तक कि शासन स्तर से इसकी अनुमति न मिल जाए। यहां प्रश्न यह भी उठ रहा है कि कृषि विभाग के जिन कर्मियों के लिए कृषक सूचना केंद्र व रेसिडेंस के नाम पर उक्त भवन को बनाया गया था, उनका क्या होगा। कृषि अधिकारियों का कहना है कि इसके अलावा और जो भी क्वार्टर उनके पास हैं वे अति जर्जर हो चुके हैं, जहां रहना खतरा भरा हो सकता है।

शिफ्टिंग में समस्या आ रही
विकासखंड शिक्षा अधिकारी आरसी देशलहरा ने कहा कि भवन के अभाव में स्कूल संचालन एवं बार-बार एक स्थान से दूसरे स्थान तक शिफ्टिंग में समस्या आ रही है। पालक समिति की पहल से इन दोनों विभागों से सहमति लेकर वहां स्कूल का संचालन हो रहा है। पालक सामिति ने भवनों की रिपेयरिंग कराई है।

सहमति से स्कूल का संचालन
जिला शिक्षा अधिकारी आरएल ठाकुर ने कहा कि पालक सामिति दोनों विभागों की सहमति से स्कूल का संचालन इन भवनों में कर रही है।

भवन बनने के बाद खाली करेंगे
वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी भरतलाल रात्रे ने कहा कि जिला कार्यालय में हमारे विभाग के भवन में स्कूल संचालन के लिए आवेदन किया गया था। वहीं से प्राप्त निर्देशों के आधार पर अनुमति दी गई। उनका भवन बन जाने पर भवन खाली कर देंगे।