स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

जब हल्ला मचा तो शासन को आया होश, आखिर क्या है मामला आप भी जानें

Chandra Kishor Deshmukh

Publish: Aug 13, 2019 08:02 AM | Updated: Aug 12, 2019 23:42 PM

Balod

बालोद जिले के ग्राम पंचायत उमरादाह के आश्रित ग्राम चरोटा में बने आदर्श गोठान के मामले पत्रिका में समाचार प्रकाशन के बाद शासन स्तर पर हड़कंप है। इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर प्रभारी मंत्री कार्यालय ने जानकारी मांगी है।

बालोद @ patrika . जिले के ग्राम पंचायत उमरादाह के आश्रित ग्राम चरोटा में बने आदर्श गोठान के मामले पत्रिका में समाचार प्रकाशन के बाद शासन स्तर पर हड़कंप है। इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर प्रभारी मंत्री कार्यालय ने जानकारी मांगी है। खबर प्रकाशन के बाद सोमवार को जनपद पंचायत बालोद की टीम भी ग्राम चरोटा पहुंची और स्थिति की जानकारी ली। सरपंच व रोजगार सहायक से भी मामले की जानकारी मांगी है।

शासन स्तर पर नहीं आई राशि
सूत्रों से यह जानकारी मिल रही है कि राज्य शासन से सप्ताहभर में राशि जारी हो जाएगी। जिसके बाद जिलेभर के सरपंचों ने राहत की सांस ली है। दरअसल जिलेभर में कई जगह गोठान बनाए गए हैं, पर इनकी राशि अभी तक शासन स्तर पर नहीं आई है। जिससे जिलेभर के सरपंचों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

सरपंच ने कहा गोठान में पौधा लगाए, इस कारण कुछ दिन मवेशी नहीं भेजे
सरपंच सखाराम देवांगन ने कहा कि शासन से जल्द राशि स्वीकृत होने का आश्वासन मिलने के बाद राहत महसूस हो रही है। सरपंच ने कहा कि गोठान में मवेशी ले जा रहे थे पर अभी पौधरोपण किया गया है। रोपे गए पौधे को नुकसान न पहुंचे, इस कारण मवेशियों को गोठान न भेजकर बाहर चराए। उन्होंने कहा कि गोठान में सभी सुविधा है पर दिक्कत अभी तक उधार में बनाए गोठान की राशि शासन से नहीं आने पर है।
Read More : बीवी के प्यार में पागल बेटे ने बीमार मां को मरने के लिए छोड़ दिया

आज गोठान में रखे मवेशी
दरअसल जिस जगह गोठान बनाया गया है, वहां पर वर्षों से मवेशी रख रहे थे। इस योजना के अंतर्गत इसे और डेवलप किया गया है। तीन एकड़ में बने इस गोठान में मवेशियों के लिए पैरा एवं नेपियर घास भी लगाई गई है।

फंड के अभाव में कांटे से घेरा किया
बीते दिनों प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत ने इस गोठान में पौधरोपण किया। जिसे फंड के अभाव में कांटे से घेरा किया गया है, ताकि रोपे गए पौधे को मवेशी नष्ट न कर दें। इसी कारण ही मवेशियों को गोठान के बजाय बाहर चराई करा रहे थे। अब फिर से चरवाहा ने गोठान में मवेशियों को रखना शुरू कर दिया है।

सरपंचों को होती है परेशानी
यह हाल सिर्फ ग्राम चरोटा का नहीं है बल्कि अन्य ग्राम पंचायतों का भी है। यहां तो आदेश पर कार्य करा देते हैं, लेकिन लंबे समय तक राशि स्वीकृत नहीं होती। शासन ही राशि जारी करने में लेटलतीफी करता है। जिससे अन्य कार्य में सरपंचों को परेशानी होती है।

Read more : देखिए सरकार आपकी गौठान योजना ने सरपंच को बनाया कंगाल

सीईओ बोले सप्ताहभर में राशि हो सकती है स्वीकृत
जिला पंचायत सीईओ बीएल गजपाल ने बताया कि पूर्व के कार्यों का उद्घाटन किया गया, जो पूरा हो गया था। सरपंच से इस पर चर्चा हुई है। जानकारी दी कि गोठान में पौधरोपण हुआ है। पौधे को मवेशी नुकसान न पहुंचाएं, इस कारण गोठान के बजाय बाहर चराई करा रहे थे। सप्ताहभर में राशि जारी होने की संभावना है।