स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

जलाशय से पानी छोड़ने की मांग को लेकर सड़क पर उतरे किसान

Chandra Kishor Deshmukh

Publish: Oct 21, 2019 08:39 AM | Updated: Oct 20, 2019 23:09 PM

Balod

बोइरडीह जलाशय से पानी की मांग को लेकर दल्लीराजहरा महामाया मार्ग पर कोटागांव, आड़ेझर और खैरवाही के सैकड़ों किसानों ने पांचवीं बार सड़क जामकर विरोध प्रदर्शन किया। शासन-प्रशासन सहित बीएसपी से कई बार मांग के बाद भी खेतों के लिए पानी नहीं मिलने से नाराज किसानों ने सड़क पर जाम लगाया।

बालोद/दल्लीराजहरा @ patrika. बोइरडीह जलाशय से पानी की मांग को लेकर दल्लीराजहरा महामाया मार्ग पर कोटागांव, आड़ेझर और खैरवाही के सैकड़ों किसानों ने पांचवीं बार सड़क जामकर विरोध प्रदर्शन किया। शासन-प्रशासन सहित बीएसपी से कई बार मांग के बाद भी खेतों के लिए पानी नहीं मिलने से नाराज किसानों ने सड़क पर जाम लगाया। किसानों ने मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

बोइरडीह जलाशय बीएसपी राजहरा माइंस के अधीन
बोइरडीह जलाशय बीएसपी राजहरा माइंस के अधीन है। जिसके लिए गांव के किसान संयंत्र प्रबंधन से कई बार पानी की मांग कर चुके हैं। प्रबंधन ने मांगों को कभी गंभीरता से नहीं लिया है। आड़ेझर क्षेत्र मेंं पंप हाउस के पास धरना प्रदर्शन करते हुए किसान जय जवान जय किसान के नारे लगाते डटे रहे। प्रदर्शन की खबर मिलते ही महामाया और डौण्डी थाने की धरना स्थल पहुंची। पुलिस की समझाइश का कोई असर नहीं हुआ। किसानों का कहना था कि जब तक अधिकारी यहां आकर बात नहीं करेंगे और सकारात्मक जवाब नहीं देंगे तब तक यह प्रदर्शन जारी रहेगा।

वन विभाग व बीएसपी प्रबंधन कराएगा सर्वे
इसके बाद तहसीलदार प्रतिमा ठाकरे और बीएसपी के अधिकारी ने किसानों से चर्चा की। उन्हें आश्वस्त किया कि जलाशय का पानी जल्द ही उनके खेतों में पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। बोईरडीह जलाशय का पानी आसपास गांवों के किसानों के खेतों में पहुंचाने के लिए वन विभाग एवं बीएसपी प्रबंधन द्वारा सर्वे करवाकर जल्द ही व्यवस्था करने के आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त हुआ।

सिर्फ आश्वासन ही मिलता है
किसानों ने बताया कि उन्हें केवल सितंबर और अक्टूबर में ही पानी की आवश्यकता पड़ती है। किसानों द्वारा सड़क पर प्रदर्शन के बाद बीएसपी और शासन प्रशासन द्वारा आश्वासन देकर प्रदर्शन समाप्त करवा दिया जाता है। समस्या का समाधान नहीं किया जाता जो किसानों केे लिए दुर्भाग्य की बात है। प्रदर्शन में किसान नेता बड़कूलाल, रोहित माहला, आत्माराम बढ़ई, शंभू राम, जगेश सिवाना, अशोक टेमारिया, गिरधारी राम, पंचूराम, हीरामन सिन्हा, बुधलाल, गंगूराम, सुरेश बढ़ई, हितेश साहू, लिखन देवहारी, मयाराम, जगदीश राम, बुधियारिन बाई, राजो बाई, कुंती बाई, उर्मिला बाई, संता मंडावी सहित सैकड़ों शामिल थे।