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चार साल पहले बुजुर्ग का तोड़ा मकान, भूख हड़ताल पर बैठा तो मिला जांच का आश्वासन

Chandra Kishor Deshmukh

Publish: Nov 05, 2019 08:10 AM | Updated: Nov 04, 2019 23:42 PM

Balod

दल्लीराजहरा नगरपालिका के इंजीनियर पर मकान तोडऩे के मामले पर कार्रवाई नहीं की गई तो नाराज 65 वर्षीय वृद्ध सोमवार को जिला मुख्यालय की पुरानी चौपाटी के पास सुबह 10 बजे से भूख हड़ताल शुरू कर दी।

बालोद @ patrika . दल्लीराजहरा नगरपालिका के इंजीनियर पर मकान तोडऩे के मामले पर कार्रवाई नहीं की गई तो नाराज 65 वर्षीय वृद्ध सोमवार को जिला मुख्यालय की पुरानी चौपाटी के पास सुबह 10 बजे से भूख हड़ताल शुरू कर दी।

पोस्टर लगाकर की न्याय की मांग
उन्होंने सीएम भूपेश बघेल, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह, महिला बाल विकास मंत्री अनिला भेडिय़ा, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, एसडीएम व तहसीलदार मुर्दाबाद का बैनर-पोस्टर लगाकर न्याय की मांग की।

सड़क पर आधे घंटे तक लग गया जाम
दल्लीराजहरा के वार्ड 24 के रहने वाले संतराम की इस हड़ताल की सूचना मिलते ही एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार की टीम घटनास्थल पहुंच गई। भूख हड़ताल में बैठे संतराम को समझाने लगे रहे। बालोद-लोहारा मुख्य मार्ग पर अधिकारी व वृद्ध के बीच चली चर्चा से सड़क पर आधे घंटे तक जाम लग गया। मामले की जांच कर इंजीनियर पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर बुजुर्ग ने अपनी भूख हड़ताल स्थगित की। एसडीएम थामस सिल्ली ने डौंडी तहसीलदार से मामले के जानकारी लेकर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजने की बात कही।

मकान के सामने गली को भी कर दिया बंद
पीडि़त वृद्ध संतराम ने बताया कि 2013 में उनका मकान तोड़ा गया। सिन्हा इलेक्ट्रिकल्स के पीछे मेरे हक व स्वामित्य के मकान की दीवार को कुछ लोगों ने तोड़कर जबरन अपने मकान की बांस-बल्ली को दीवार में डाल दिया हैं। साथ ही मकान के सामने गली को भी बंद कर दिया है।

भयभीत होकर दूसरे गांव में रह रहे किराए पर
पीडि़त संतराम साहू ने आगे बताया कि उन्ही व्यक्तियों ने गाली-गलौज भी किया। मकान का खपरैल एवं बिजली मीटर भी तोड़ दिया। डर और भयभीत होकर वे ग्राम कारूटोला में एक किराए के मकान में रहने मजबूर हैं। कई बार कलेक्टर जनदर्शन, गृहमंत्री व सीएम के पास भी न्याय की गुहार व दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जा चुकी हैं। लेकिन आश्वासन के सिवाए कुछ नहीं मिला। एसडीएम एवं तहसीलदार ने भूख हड़ताल की वजह पूछी तो उन्होंने कहा कि अधिकारी उनका मकान तोडऩे वालों पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, इसलिए भूख हड़ताल पर बैठा हूं।

आधे घंटे तक समझाते रहे अधिकारी
मामले की जानकारी सबसे पहले अपर कलेक्टर एके वाजपेयी को दी गई। मीडियाकर्मी ने आंदोलन की फोटो दिखाई, जिसमें मुख्यमंत्री मुर्दाबाद, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के पोस्टर को देखकर तत्काल एसडीएम व तहसीलदार को घटना स्थल पर भेजा। फिर आधे घंटे तक एसडीएम व तहसीलदार पीडि़त सन्तराम को समझाने लगे। मुख्य मार्ग में ही भूख हड़ताल के कारण भीड़ इक_ी हो गई। कई लोग दुर्घटना की भीड़ समझकर सड़क पर ही जमा हो गए थे। जाम की स्थिति को देखते हुए यातायात पुलिस ने आवागमन व्यवस्थित किया।

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