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गांव पहुंची जांच टीम को दुकानदारों ने बताया उनके नामों के सभी बिल फर्जी

Chandra Kishor Deshmukh

Publish: Nov 09, 2019 08:11 AM | Updated: Nov 09, 2019 00:09 AM

Balod

ग्राम पंचायत कचांदुर में सरकारी राशि का फर्जी बिल छपवाकर आर्थिक गड़बड़ी मामले की जांच शुरू हो गईहै। तीन सदस्यीय जांच टीम ने पंचायत द्वारा प्रस्तुत बिल की जांच पड़ताल की गई।

गांव पहुंची जांच टीम को दुकानदारों ने बताया उनके नामों के सभी बिल फर्जी
बालोद/गुंडरदेही @ patrika . ग्राम पंचायत कचांदुर में सरकारी राशि का फर्जी बिल छपवाकर आर्थिक गड़बड़ी मामले की जांच शुरू हो गईहै। तीन सदस्यीय जांच टीम ने पंचायत द्वारा प्रस्तुत बिल की जांच पड़ताल की गई। पंचायत द्वारा सामान खरीदी और खर्च राशि का जो बिल लगाया गया है उस फर्म के संचालकों से पूछताछ की गई। अधिकतर दुकानदारों ने बिल को फर्जी बताया।

फर्जी बिल बुक छपवाकर आर्थिक गड़बड़ी, पहला मामला
अधिकारियों ने जांच के दौरान पाया कि ग्राम पंचायत कचांदुर में शासन द्वारा ग्राम विकास राशि का गलत ढंग से आहरण किया गया। सरपंच द्रोपती चंद्राकर एवं सचिव दुर्गेश सोनी द्वारा फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपए का भ्रष्टाचार किया गया।

निर्धारित मजदूरी दर से ज्यादा राशि दर्शा कर हेराफेरी
इसी तरह मस्टररोल में भी शासन द्वारा निर्धारित मजदूरी दर से ज्यादा राशि दर्शा कर हेराफेरी की गई है। जांच अधिकारी वाईके साहू, एसपी द्विवेदी एवं केशव अहीर ने मामले की जांच की। दुकानदारों से पूछताछ के दौरान बिल उनके द्वारा जारी नहीं किए जाने सहित कई ऐसे बिल भी हैं जिसका जिले में उस नाम से कोई फर्म ही नहीं है। जांच अधिकारी द्विवेदी ने बताया कि किसी ग्राम पंचायत का पहला मामला है, जिसमें फर्जी बिलबुक छपवाकर राशि निकाल ली गई है।

आरटीआई में फर्जी बिल का हुआ खुलासा
बता दें कि गांव के ही एक व्यक्ति ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी थी, जिसमें भ्रष्टाचार का इस तरह का मामला सामने आया। इसके बाद ग्रामीणों द्वारा इसकी लिखित शिकायत एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ और थाने में की थी। जांच टीम ने सभी दुकानदारों को नोटिस जारी कर पंचायत में बिलों की पुष्टि के लिए बुलाया था। जांच में देरी के चलते ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने जल्द ही जांच पूरी कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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