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बैलगाड़ी पर सवार होकर कलेक्टोरेट के दरवाजे के सामने बैठ समिति प्रबंधकों और किसानों ने किया प्रदर्शन

Chandra Kishor Deshmukh

Publish: Dec 11, 2019 23:39 PM | Updated: Dec 11, 2019 23:39 PM

Balod

धान खरीदी में लिमिट तय करने एवं नए नियम से परेशान किसान सहित सेवा सहकारी समितियों के अध्यक्षों और सदस्यों ने बुधवार को जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

बालोद @ patrika . धान खरीदी में लिमिट तय करने एवं नए नियम से परेशान किसान सहित सेवा सहकारी समितियों के अध्यक्षों और सदस्यों ने बुधवार को जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

खरीदी बंद करने की दी चेतावनी
जिले भर के समिति अध्यक्षों ने झलमला स्थित गंगा मैया मंदिर में बैठक लेकर शासन के नए नियम का विरोध की रणनीति बनाई और बैलगाड़ी पर सवार होकर सीधे कलेक्टोरेट पहुंचे। यहां जमकर नारेबाजी की और खरीदी के लिएतय लिमिट को बढ़ाने और केंद्रों में जाम धान का परिवहन शुरू कराने की मांग को लेकर अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। साथ ही शासन-प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि रविवार तक आदेश वापस नहीं लिया गया तो सोमवार से जिले के सभी खरीदी केंद्रों में खरीदी बंद कर दिया जाएगा। अपर कलेक्टर ने समिति अध्यक्षों की मांग को शासन तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया।

बैलगाड़ी में पहुंचे किसानों ने कलेक्टोरेट के सामने किया प्रदर्शन
बैलगाड़ी से कलेक्टोरेट पहुंचे किसान प्रतिनिधि एक घंटें तक जमीन पर ही बैठे रहे। सोसायटी अध्यक्षों ने कहा कि प्रशासन किसानों के मुद्दे पर गंभीर नहीं है। भाषण बाजी के बाद जमकर नारेबाजी करने लगे। लगभग एक घंटे बाद अपर कलेक्टर एके वाजपेयी उनसे बात करने धरनास्थल पर पहुंचे। मांगों के संबंध में वे भी किसानों को संतोषजनत उत्तर नहीं दे पाए, जिससे समिति अध्यक्ष और किसानों ने फिर नाराजगी जाहिर की।

समिति अध्यक्ष बोले: तरह-तरह के मौखिक आदेश, किसानों की परेशानी समझे सरकार
सेवा सहकारी समिति अध्यक्ष संघ के अध्यक्ष ठाकुरराम चंद्राकर ने बताया कि शासन किसान हितैषी होने की बात करती है परंतु लिमिट कम करने के साथ ही किसानों की समस्याओं को बढ़ा दिया है। एकबार में किसान अपना धान नहीं भेज पा रहे हैं। जिससे किसानों को किराया भाड़ा देकर सोसायटी पहुंचना पड़ रहा हैं। हम आदेशों के अनुरूप कार्य तो करते हैं परंतु रोज किसानों से तू-तू मैं-मैं की स्थिति निर्मित हो रही है। हम भी किसान हैं और किसानों के हितों के लिए ही काम करते हैं जिसके परिपेक्ष में आज यहां पर आए हुए हैं। शासन प्रशासन इस गंभीर समस्याओं को दूर करने कोई पहल ही नहीं कर रही।

अब तक शुरू नहीं हुआ परिवहन, केंद्रों में धान जाम
समिति अध्यक्ष और किसानों ने कहा कि आने वाले दिनों में समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर अगले सप्ताह से खरीदी बंद कर देंगे। प्रशासन द्वारा 72 घंटे में धान का उठाव किया जाना है परंतु आज 10 दिन हो गए, उठाव नहीं हो पा रहा है। सेवा सहकारी समिति पोंडी के अध्यक्ष मणिकांत बघेल ने बताया कि सरकार की नीति और नियत समझ से परे है। यहां पर किसानों के साथ जो वादा किया गया था उन वादों को शासन प्रशासन नहीं निभा रहा है। थोड़ी सी गलती होने पर हमें सजा का पात्र माना जाता है परंतु किसान हित को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है। प्रशासन के ध्यान नहीं देने के कारण सोसाइटी में धान जमा है। अगर इस सप्ताह तक निर्णय नहीं लिया जाता है तो खरीदी बंद हो जाएगी जिसकी जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी।

अध्यक्षों ने कहा मौखिक आदेश देना बंद करें
बुधवार को पुलिस प्रशासन ने बिना सूचना रैली लेकर कलेक्टोरेट पहुंचने पर नाराजगी जाहिर की और नारेबाजी बंद करने कहा। प्रदर्शनकारियों ने तो डीएसपी दिनेश सिन्हा से एक स्वर में कहा पहले प्रशासन मौखिक आदेश देना बंद करें। मौखिक और रोज-रोज नए आदेश से किसान सहित समिति अध्यक्ष परेशान हो गएहैं। रैली में शामिल लोग सीधे कलेक्टोरेट कार्यालय गुस रहे थे जिसे पुलिस ने दरवाजे बंद कर रोक दिया। इससे किसान नाराज हो गए और मुख्य द्वार के सामने जमीन पर ही बैठकर नारेबाजी करने लगे।

लिमिट बंद करने की मांग
सभी अध्यक्षों ने धान खरीदी की लिमिट बंद करने की मांग की ताकि समय पर किसानों का धान खरीदा जा सके। यह कहा कि फड़ को अभी तक नहीं खुलवाया गया है। इसका कारण शासन बताएं। अगर फड़़ खुल जाता है तो धान खरीदी को लेकर समस्याएं कम होगी और तत्काल परिवहन हो जाएगा। इसके साथ ही किसानों के खाते में राशि डालने का विषय भी प्रशासन के समक्ष रखा।

प्रदर्शन के दौरान ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर सेवा सहकारी समिति मर्यादित जिला अध्यक्ष चंद्राकर, उपाध्यक्ष किशोर यदु, कोषाध्यक्ष गौतमचंद नखत, सचिव केशवराम धनकर संरक्षक पुरुषोत्तम पटेल, गिरधर साहू, संजय बारले, निर्मल कुमार, रमनलाल कल्याणी, किशोर यदु, ओंकार सिंह ठाकुर, ताराचंद, वीरेंद्र, खेदुराम साहू, घनाराम साहू, नेपाल सिंह साहू, हरदेव लाल साहू, रामअवतार सिन्हा, केशव राम, मुरलीधर, मणिकांत बघेल, दुर्जन सिंह, दिलीप साहू, बलराम सहित सैकड़ों किसान मौजूद थे।

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IMAGE CREDIT: balod patrika
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धान खरीदी लिमिट निर्णय को शासन ने लिया वापस
शासन ने धान खरीदी लिमिट निर्णय को किसानों में नाराजागी और विरोध प्रदर्शन को देखते हुएबुधवार दोपहर वापस ले लिया है। इस आदेश के बाद किसानों सहित समिति अध्यक्षों ने राहत की सांस ली है। अब जिले के 9 सेवा सहकारी समितियों के 110 धान खरीदी केंद्रों में पहले की तरह ही खरीदी होगी। बुधवार को जिले के सांकरा (क) धान खरीदी केंद्र में किसानों ने जमकर हंगामा किया और लिमिट सिस्टम को हटाने की मांग की थी। मामले की जानकरी पर तहसीलदार रश्मि वर्मा ने केंद्र पहुचकर किसानों को समझाया और कुछ ही देर बाद लिमिट सिस्टम हटने की जानकारी मिलने के बाद धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर की गई।

परिवहन नहीं होने से बढ़ गई परेशानी
खरीदी केंद्रों में खरीदी के 11 दिन बाद भी परिवहन नहीं होने से जाम की स्थिति निर्मित हो गई है। जिले में कुल 110 धान खरीदी केंद्रों में सात लाख क्विंटल से अधिक की खरीदी हो चुकी है। परिवहन नहीं होने के कारण जाम के हालात है।

जिले में धान खरीदी पर एक नजर
जिले में 69 सहकारी समिति हैं। 110 धान खरीदी केंद्रों में 21 हजार 8 सौ 83 किसानों ने अब तक कुल 7,98,075.80 क्विंटल धान बेचा है। अभी तक एक भी केंद्र से धान का उठाव नहीं हुआ है।

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