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तांदुला जलाशय के समीप ब्रिज निर्माण के साथ बनेगा बायो डायवर्सिटी पार्क

Chandra Kishor Deshmukh

Publish: Nov 06, 2019 08:05 AM | Updated: Nov 05, 2019 23:14 PM

Balod

बालोद जिला मुख्यालय के पानाबरस डिपो में निर्माणाधीन पर्यावरण पार्क के बाद अब वन विभाग द्वारा वहां पर 40 हेक्टेयर क्षेत्र में मध्यप्रेदश के मंडला की तर्ज पर बायो डायवर्सिटी का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए शासन से निर्माण की अनुमति मिल गई है।

बालोद @ patrika . जिला मुख्यालय के पानाबरस डिपो में निर्माणाधीन पर्यावरण पार्क के बाद अब वन विभाग द्वारा वहां पर 40 हेक्टेयर क्षेत्र में मध्यप्रेदश के मंडला की तर्ज पर बायो डायवर्सिटी का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए शासन से निर्माण की अनुमति मिल गई है।

पानाबरस डिपो के समीप 40 हेक्टेयर जंगल क्षेत्र में होगा निर्माण
कैम्पा मद से दो करोड़ की लागत से बालोद दल्ली मार्ग स्थित पानाबरस डिपो के समीप 40 हेक्टेयर जंगल क्षेत्र में इस बायो डायवर्सिटी का निर्माण किया जाएगा। वन विभाग ने इसकी पूरी तैयारी भी कर ली है और जल्द ही टेंडर बुलाकर काम शरू कराया जाएगा। इसके निर्माण से जिलेवासियों जंगली हिरण व कोटरी को नजदीक से देख सकेंगे। वहां दुर्लभ प्रजाति के पौधे भी लगाए जाएंगे। वन्य प्राणियों के सरंक्षण के लिए ग्रासलैंड बनाकर इस क्षेत्र में पाए जाने वाले सबसे ज्यादा वन्य प्राणी हिरण, कोटरी व खरगोश का आदि का संरक्षण भी किया जाएगा। इस बायो डायवर्सिटी पार्क का निर्माण लोगों को प्रकृति से जोड़कर जैव विविधता को समझाना है।

पार्क को जोडऩे तांदुला जलाशय किनारे बनेगा ब्रिज
वर्तमान में वन विभाग द्वारा करोड़ों रुपए खर्च कर पर्यावरण पार्क बनाया जा रहा है। डीएफओ सतोविशा समजदार ने बताया कि पर्यावरण पार्क में और काम किया जाएगा। बच्चों के खेलने के लिए एडवेंचर झूले भी रहेंगे। पर्यावरण पार्क से लगे तांदुला जलाशय के 100 मीटर दूर तांदुला के दूसरे छोर पर बायो डायवर्सिटी पार्क निर्माण से वन्य प्राणी को भी देख सकेंगे। इसके अलावा दुर्लभ प्रजाति के पौधे व बटरफ्लाई जोन में रंग बिरंगी तितली को भी देख पाएंगे। इसके लिए तांदुला जलाशय में पर्यावरण पार्क से लेकर बायो डायवर्सिटी पार्क तक जाने जलाशय में ब्रिज बनाया जाएगा जिससे इसकी खूबसूरती और बढ़ेगी।

बालोद का जलवायु मध्यप्रदेश जैसा
डीएफओ ने बताया कि वह बायो डायवर्सिटी पार्क देखने व समझने के लिए दिल्ली व मध्यप्रदेश के मंडला का दौरा किया। मध्यप्रदेश की जलवायु की तरह बालोद छत्तीसगढ़ भी है। इसीलिए वहां की तर्ज पर यहां भी इसका निर्माण किया जाएगा। प्रोजेक्ट तैयार है और उन्ही के लिए ही पर्यावरण पार्क का निर्माण रुका हुआ है।

ये सुविधा रहेगी पार्क में
बायो डायवर्सिटी पार्क में हिरण, खरगोश, कोटरी, विचरण व उनके भोजन के लिए ग्रास लैंड बनाया जाएगा। एक बटरफ्लाई जोन में जहां रंग बिरंगी तितली व फूलों के पौधे रहेंगे। यहां दुर्लभ प्रजाति के पौधे व पेड़ रहेगा। जिसमें खास कीटभक्षी पौधे रहेंगे, नर्सरी का निर्माण, एक्वेटिक प्लांट, तांदुला में ब्रिज का निर्माण आदि काम होंगे।

उजड़ा पर्यावरण पार्क भी संवरेगा
डीएफओ कि मानें तो वर्तमान में पर्यावरण पार्क निर्माण अभी बंद है और यहां कुछ काम बचा हुआ है। पर्यावरण पार्क को भी संवारा जाएगा। पार्क की साफ सफाई कर जल्द ही काम शुरू किए जाएंगे।

स्वीकृति शासन से मिल चुकी
बालोद डीएफओ सतोविशा समाजदार ने बताया कि पर्यावरण पार्क का निर्माण रुका हुआ है। इसी से लगे 40 हेक्टेयर जमीन पर बायो डायवर्सिटी पार्क का निर्माण कराया जाएगा इसी स्वीकृति शासन से मिल चुकी है। निर्माण कैम्पा मद से कराया जाएगा।

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