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पैसा दोगुना करने का लालच देकर महिला करती थी लोगों के साथ गंदा काम, डायरेक्टर सहित पुलिस ने नागपुर से किया गिरफ्तार

Dakshi Sahu

Publish: Jan 09, 2020 16:08 PM | Updated: Jan 09, 2020 16:08 PM

Balod

पैसा दोगुना करने का झांसा देकर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले चिटफंड कंपनी एमवे कार्पोरेशन इंडिया लिमिटेड के डायरेक्टर सहित एक महिला सहयोगी को बालोद पुलिस ने नागपुर से गिरफ्तार किया है। (Balod news)

बालोद. पैसा दोगुना करने का झांसा देकर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले चिटफंड कंपनी एमवे कार्पोरेशन इंडिया लिमिटेड के डायरेक्टर सहित एक महिला सहयोगी को बालोद पुलिस ने नागपुर से गिरफ्तार किया है। डायरेक्टर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। बुधवार को डीएसपी दिनेश सिन्हा ने पुलिस कंट्रोल रूम में प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया के सामने मामले का खुलासा किया।

पकड़े गए कंपनी के डायरेक्टर मनोज अग्निहोत्री व उसके अन्य तीन साथियों ने जिला मुख्यालय के भाटिया काम्प्लेक्स में कार्यालय खोलकर दल्लीराजहरा चंदैनीभाठा की महिला राजकुमारी से दो किस्तों में ढाई -ढाई लाख कुल पांच लाख रुपए जमा करा कर राशि वापस नहीं की। पुलिस अब इन आरोपियों की संपत्ति को कुर्क कर पीडि़तों की राशि दिलाने की बात कही है।

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साल 2013 में हुआ था मामला दर्ज
डीएसपी ने बताया साल 2013-14 में प्रार्थी राजकुमारी ने बालोद थाने में एमवे चिटफंड कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। पांच साल बाद राशि डबल होने की बात कही थी। पांच साल के बाद भी कुछ नहीं हुआ और फिर कंपनी बंद करके भाग गया था।

जिसके पास ज्यादा संपत्ति वे दो आरोपी फरार
इस मामले में अभी पुलिस ने डायरेक्टर मनोज अग्निहोत्री को नागपुर से गिरफ्तार किया है। एक महिला सहयोगी सुनीता सिंह को नागपुर से गिरफ्तार किया जा चुका है। अब दो फरार आरोपी रवि कामले और धर्मेंद्र सिंह की तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक फरार दोनों आरोपी के पास ही सबसे ज्यादा संपत्ति होने की संभावना जता रही है।

कितने की ठगी, पूछताछ में होगा खुलासा
डीएसपी सिन्हा ने बताया कि अभी मात्र एक ही व्यक्ति की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। पूछताछ के बाद मामले में और बड़ा खुलासा हो सकता है। यह कंपनी बालोद में भी कुछ वर्षो तक संचालित रही और बड़ी राशि लेकर बंद हो गई।

गिरफ्तारी से बचने नागपुर में छुपा था आरोपी
आरोपी मनोज अग्निहोत्री व अन्य आरोपियों को अंदेशा हो चुका था पुलिस उनके पीछे पड़ी है। दो प्रमुख आरोपी रवि व धर्मेंद्र फरार हो गया वहीं मनोज भी गिरफ्तारी की डर से आने मूल गांव चंद्रपुर(महाराष्ट्र) को छोड़कर नागपुर में किराए के मकान में रह रहा था। मुखबिर की सूचना पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। महिला आरोपी सुनीता सिंह को भी नागपुर से अलग जगह से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 34 और धारा 10 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर बुधवार को जेल भेज दिया गया।

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