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सरकारी प्रयास के बाद भी जिले में मिले फाइलेरिया के 448 मरीज

Chandra Kishor Deshmukh

Publish: Sep 23, 2019 08:10 AM | Updated: Sep 23, 2019 00:26 AM

Balod

बालोद जिले में फाइलेरिया का प्रकोप घटने के बजाय लगातार बढ़ते क्रम पर है। अब तो जिले के स्कूली बच्चे भी फाइलेरिया के गंभीर और लाइलाज बीमारी के शिकार हो रहे है। सन् 2016 में स्कूलों में कराए गए सर्वे में 6 से 7 साल के 37 बच्चों में फाइलेरिया के लक्षण पाए गए।

बालोद @ patrika. जिले में फाइलेरिया का प्रकोप घटने के बजाय लगातार बढ़ते क्रम पर है। अब तो जिले के स्कूली बच्चे भी फाइलेरिया के गंभीर और लाइलाज बीमारी के शिकार हो रहे है। सन् 2016 में स्कूलों में कराए गए सर्वे में 62 प्राथमिक शालाओं में 12 हजार 75 बच्चों की जांच में से 6 से 7 साल के 37 बच्चों में फाइलेरिया के लक्षण पाए गए और रिपोर्ट भी पॉजिटिव आया था।

स्वास्थ्य विभाग ने कोई रुचि नहीं ली
सर्वे के समय ही दवाई देने के बाद दोबारा इन बच्चों की स्थिति जानने जिला स्वास्थ्य विभाग ने कोई रुचि नहीं ली और वर्तमान में उनकी क्या स्थिति है इनकी सुध तक नहीं ली है। पूरे जिले में 448 फाइलेरिया के मरीज हैं। जिसमें अकेले जिला मुख्यालय बालोद में ही 28 लोग शामिल हैं।

25 सितंबर तक सर्वेक्षण
स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनकी स्थिति की जानकारी लेने में लापरवाही सामने आई है। हालांकि अब जिला फाइलेरिया विभाग ने घर-घर सर्वे शुरू कर दिया है। 13 से 25 सितंबर तक सर्वेक्षण किया जा रहा है।

जिले में फाइलेरिया के 448 मरीज और शहर में 28 मरीज
जिला स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक पूरे जिलेभर में अभी तक फाइलेरिया के कुल 448 मरीज है। 28 मरीज तो अकेले बालोद जिला मुख्यालय मेेंही है। बताया जाता है कि सन 2012 में जिले में फाइलेरिया के मरीज 330 थे जो 2019 में बढ़कर 448 हो गए है। जबकि अभी सर्वे जारी है।

चिरायु की टीम के साथ फिर से चिन्हांकित बच्चों की मांगी जाएगी जानकारी
सहायक जिला फाइलेरिया अधिकारी ने बताया कि सन 2016 में बच्चों का सर्वे जरुर हुआ था। सर्वे में 37 बच्चों में फाइलेरिया पॉजिटिव पाए गए थे। शुरू में ही इलाज किया गया पर बाकी समय उन बच्चों की क्या स्थिति है इसकी जानकारी नहीं ले पाए। हालांकि इसकी जानकारी जिला स्वास्थ्य विभाग को भी दी थी। पर अब चयनित 62 स्कूलों में फाइलेरिया के शिकार बच्चों की पुन: जानकारी चिरायु की टीम के साथ मिलकर करने का प्रयास करेंगे क्योंकि उनकी स्थिति जानना जरूरी है।

704 गांवों में हर घर होगी फाइलेरिया की जांच
सहायक जिला फाइलेरिया अधिकारी आरके सोनबोइर ने बताया कि फाइलेरिया उन्नमूलन के तहत सर्वेक्षण कराया जा रहा है। यह सर्वेक्षण जिले के 704 गांव में होगा और घर घर होगा। वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी व मितानिनों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है उन्हें घर घर जाकर फाइलेरिया के शिकार लोगों को किस तरह से दवाई, घाव व गंदगी को साफ -सफाई करेंगे इनकी जानकारी दी जा रही है। ताकि सही समय पर फाइलेरिया के शिकार लोगों को उपचार मिल सके। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है।

हर साल लाखों की दवाई का वितरण
जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर साल फाइलेरिया उन्मूलन के तहत जिलेभर के 704 गांवों में लगभग 8 लाख लोगों को दवाई खिलाने वितरण किया जाता है। लोग दवाई खाने में रुचि नहीं लेते। कई बार तो लोगों की लापरवाही के कारण ही फाइलेरिया बढ़ जाता है।