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घर की छत पर बनाया गार्डन और उगा दिए 40 प्रकार के दुर्लभ प्रजाति के औषधीय पौधे

Chandra Kishor Deshmukh

Publish: Jan 14, 2020 23:24 PM | Updated: Jan 14, 2020 23:24 PM

Balod

बालोद जिले के ग्राम बेलमांड निवासी पुरुषोत्तम राजपूत ने अपने घर के छत पर विलुप्त हो रहे दुर्लभ प्रजाति के 40 प्रकार के औषधि पौधों का रोपण किया है। वे छत पर पॅालीथिन व मिट्टी के सहारे जैविक कृषि भी कर रहे है। वे जैविक खाद के उपयोग से धनिया, मेथी, करेला, टमाटर, लौकी आदि शाक सब्जी, भाजी भी पैदावार कर रहे है।

बालोद @ patrika . जिले के ग्राम बेलमांड निवासी पुरुषोत्तम राजपूत ने अपने घर के छत पर विलुप्त हो रहे दुर्लभ प्रजाति के 40 प्रकार के औषधि पौधों का रोपण किया है। वे छत पर पॅालीथिन व मिट्टी के सहारे जैविक कृषि भी कर रहे है। वे जैविक खाद के उपयोग से धनिया, मेथी, करेला, टमाटर, लौकी आदि शाक सब्जी, भाजी भी पैदावार कर रहे है।

आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति आज भी बेहतर
लोगों का नि:शुल्क उपचार के लिए 2017 में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने उन्हें आयुर्वेद के क्षेत्र में बेहतर काम के लिए हर्बल चिकित्सकीय सम्मान से सम्मानित भी किया था। उन्होंने कम उम्र में ही बीमारी के शिकार लोगों को आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति अपनाने व जैविक कृषि पर जोर दिया है।

जैविक कृषि को दें बढ़ावा
उन्होंने कहा आज लोग भौतिकवाद होकर भटक गए और रसायनिक खाद से उत्पाद खाद्य के कारण बीमारी के शिकार हो रहे हैं। ऐसे में जैविक कृषि को बढ़ावा देना चाहिए। अपनी परंपरागत पुरातन आयुर्वेद चिकित्सा को अपनाना चाहिए ताकि लोग निरोगी जीवन जी सकें। आयुर्वेद के जानकार लोग भी औषधि पौधे और जैविक खेती को देखने आते हैं। कई लोग उनसे प्रेरणा लेकर जैविक खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

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IMAGE CREDIT: balod patrika
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कैंसर दूर करने का भी दावा
पुरुषोत्तम राजपूत पेशे से नाड़ी वैद्य है। घर पर जगह नहीं होने के कारण उन्होंने छत पर ही दुर्लभ औषधि पौधों का रोपण किया है। उन्होंने 40 प्रकार के औषधि पौधे रोपे हैं। पौधे में कैंसर को ठीक करने वाले श्यामा हल्दी, तिलिया कंद, कचनार एवं गुगलु जैसे औषधीय पौधे शामिल हैं। नहीं छत पर सर्पगंधा, शतावर, पारस, पीपल, अर्जुन, अश्वगंधा, मूसली सहित और भी अन्य पौधे हैं।

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