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यहां बिना अनुमति संचालित हो रहे 32 निजी क्लीनिक

Chandra Kishor Deshmukh

Publish: Sep 21, 2019 08:12 AM | Updated: Sep 20, 2019 23:28 PM

Balod

बालोद जिला मुख्यालय से लगे ग्राम सिवनी में अवैध रूप से संचालित अनुष्का अस्पताल में छापेमार कार्यवाही और उसे सीलबंद करने के बाद पूरे जिले के निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।

बालोद @ patrika . जिला मुख्यालय से लगे ग्राम सिवनी में अवैध रूप से संचालित अनुष्का अस्पताल में छापेमार कार्यवाही और उसे सीलबंद करने के बाद पूरे जिले के निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। इधर स्वास्थ्य विभाग जल्द ही ऐसे क्लीनिकों की सूची तैयार कर रही है जो अवैध तरीके से संचालन कर रहे हैं। ऐसे सभी अस्पताल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अस्थाई अस्पतालों को अभी तक अनुमति नहीं मिली
जिला स्वास्थ्य विभाग (health Department) से प्राप्त आंकड़े चौकाने वाले हैं। आंकड़े के मुताबिक जिले में मात्र 43 ही क्लीनिक का नर्सिंग होम एक्ट के तहत पंजीयन के लिए लंबित है जिसमें से मात्र 11 क्लीनिकों को जिला प्रशासन ने अनुमति दी है। साथ ही कुछ अस्थाई है जिसे अभी तक अनुमति नहीं मिली है।

जिलेभर में सैकड़ों निजी क्लीनिक संचालित, पर आवेदन सिर्फ 43 का
बता दें कि जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचलों में भी कई चिकित्सक क्लीनिक चला रहे हैं। ऐसे क्लीनिक संचालकों के खिलाफ अभतक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी और निरीक्षण के अभाव में भगवान भरोसे चल रहे है। चौकाने वाली बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन द्वारा मात्र 43 क्लीनिकों के आवेदन पर नर्सिंग होम एक्ट के तहत ही आवेदन स्वीकार कर मात्र 11 को ही नर्सिंग होम एक्ट के तहत क्लीनिक या अस्पताल चलाने की अनुमति दी है। शेष 30 मामले विचाराधीन या पेंडिग में है।

नोटिस का जवाब भी नहीं देते
सूत्रों की मानें तो जिला स्वास्थ्य विभाग ने जिले के विभिन्न क्लीनिकों को नोटिस जारी किया है। संचालकों ने विभाग के नोटिस का जवाब भी देना उचित नहीं समझा। एक माह से ज्यादा हो गए नोटिस जारी हुए अभी तक एक भी संचालक ने जवाब नहीं दिया।

अधिकारी बोले सूची बनाई है जल्द होगी कार्यवाही
वहीं इस मामले में सीएमएचओ बीएल रात्रे ने कहा कि अगर क्लीनिक या अस्पताल नियम विरुद्ध पाया गया तो अस्पताल को सील तथा डॉक्टर के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। इधर जिले भर में संचालित सैकड़ों खून जांच (लैब) केंद्र संचालित है। पंजीयन सिर्फ 5 ही पैथोलॉजी का है। 7 लैब को निरीक्षण के बाद ही लाइसेंस दिया जाएगा, शेष अवैध लैब के खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी।