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तीन दिवसीय जीवन कौशल उमंग कार्यशाला का हुआ समापन

Mahesh Kumar Doune

Publish: Aug 22, 2019 20:31 PM | Updated: Aug 22, 2019 20:31 PM

Balaghat

स्थानीय उत्कृष्ट स्कूल बिरसा में तीन दिवसीय जीवन कौशल उमंग कार्यशाला का समापन 21 अगस्त को हुआ।

बालाघाट. स्थानीय उत्कृष्ट स्कूल बिरसा में तीन दिवसीय जीवन कौशल उमंग कार्यशाला का समापन 21 अगस्त को हुआ। कार्यशाला में संस्था के प्राचार्य ललीत मिश्रा के नेतृत्व में मास्टर ट्रेनर संतोष उपाध्याय, कुलदीप कटरे, युगेश वराड़े द्वारा हाईस्कूल के 27 व हायर सेकेण्डरी स्कूल के 27 कुल 54 शिक्षक-शिक्षिकाओं को कुशलता पूर्वक प्रशिक्षण दिया गया।
इस संबंध में उत्कृष्ट स्कूल के प्राचार्य मिश्रा ने बताया कि शासन द्वारा चलाया जा रहा जीवन कौशल उमंग कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षणार्थियों का मनोविज्ञान मजबूत बनाने प्रशिक्षण दिया गया। वहीं मास्टर ट्रेनर उपाध्याय ने बताया कि 10 वर्ष से 19 वर्ष की उम्र किशोरावस्था की होती है। विद्यार्थियों का ये उम्र संक्रमण काल होता है। जिसमें छात्रों के दिमाग में चल रहे अंतरद्वंद, मानसिक हताशा, निराशा से ग्रसित विद्यार्थियों को पहचानना है। ऐसे विद्यार्थियों से बात कर उनकी गतिविधियों व परेशानियों को जानकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोडऩा है। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित जीवन के 10 कौशल स्व-जागरूकता, समानुभूति, संवाद, कौशल, अंर्तव्यक्तित्व, संबंध समालोचनात्मक, चिंतन, समस्या समाधान, निर्णय लेना, तनाव का सामना करने की समझ विकसित कर विद्यार्थियों को जागरूक करना है। जिससे विद्यार्थियों में जीवन जीने की कला व उमंग का संचार हो सकें।
इस दौरान प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी प्रशिक्षण के दौरान सीखे अपने अुनभव बताया। कार्यशाला का समापन मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर को दो मिनट का मौन रख श्रद्धाजंलि देकर किया गया।