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सिंधु नदी की धाराओं को धाराओं से छला गया

Mukesh Yadav

Publish: Jan 24, 2020 16:52 PM | Updated: Jan 24, 2020 16:52 PM

Balaghat

मिरगपुर में कवि सम्मेलन व सम्मान समारोह सम्पन्न

खैरलांजी/कटंगी। क्षेत्र की ग्राम पंचायत मिरगपुर में बीती शाम इनायत साहित्यिक सामाजिक संस्था का वार्षिक स्नेहिल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों, प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, उन्नत कृषि करने वाले अन्नदाता किसानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के बाद शानदार कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमें ना सिर्फ स्थानीय कवियों ने काव्यपाठ किया बल्कि अन्य राज्यों एवं महानगरों के कवियों ने भी अपनी कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। संस्था द्वारा तिजुलाल कृषक सम्मान एवं स्वं. सुधीर शर्मा की स्मृति में सम्मान प्रदान किया। इस मौके पर शैलेष इनायत के काव्य संग्रह मच्छर की आत्महत्या तथा युवा कवि संजय अश्क के काव्य और उसकी शादी हो गई का विमोचन भी किया गया। इस सम्मेलन में जनपद अध्यक्ष खैरलांजी ममता बोरकर के मुख्य आतिथ्य तथा जिला पंचायत सदस्य केशर बिसेन बतौर विशिष्ट आतिथि के रुप में मौजूद रही।
कवि सम्मेलन का आगाज आरती अमुले की मां सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके बाद बारी-बारी से कवियों ने काव्यपाठ किया। वरिष्ट कवि ब्रजकिशोर पटेल के शानदार संचालन में कवियों ने अपनी विधा की रचना का पाठ किया। मुलताई के कवि दीपक साहू ने कश्मीर के आव्हान पर 370 के हटने पर कविता पाठ करते हुए कहां कि सिंधु नदी की धाराओं को धाराओं से छला गया, विपरीत बहता पानी मेरे भाल पर से चला गया पर खुब वाहवाही बटोरी। भवेन्द्र डहरवाल ने श्रृंगार की कविता पाठ किया। मनोज शक्ल ने अपने चुटीले अंदाज में दर्शक दीर्घा में बैठे श्रोताओं को जमकर गुदगुदाया। आरती अमुले ने अपनी मधुर आवाज के साथ शानदार गीत मीठी वाणी में श्रोताओं से जमकर तालियां बटोरी। संजय अश्क की पंक्तियां- टुकडे से खंजर हो गया हॅू झोके से बवंडर हो गया हॅू नदियां खुद आती है मिलने, मैं खुद में कोई समंदर हो गया हूं। को श्रोताओं ने खुब सराहा तथा प्यार दिया। इंदौर की कवियत्री प्रमिला किरण के गीत खुब सराहे गए। नैना अटराय के नारी पर मुक्तक ने खुब तालियां पाई। साहेबलाल सरल का गीत इंटरनेट की बोली पर श्रोता झूम उठे। रघुनाथ आदित्य के मुक्तक शानदार रहे। अंत में मच्छर की आत्महत्या शैलेष इनायत ने पढ़कर सभी कवियों का आभार व्यक्त किया। इस वार्षिक स्नेह सम्मेलन के सैकड़ों लोग प्रत्यक्षदर्शी बने तथा काव्यपाठ का आंनद लिया।

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