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शिक्षा नहीं बीमारी दे रहा स्कूल

Mukesh Yadav

Publish: Sep 15, 2019 20:08 PM | Updated: Sep 15, 2019 20:08 PM

Balaghat

नगर परिषद की अनदेखी-

कटंगी। नगर परिषद कार्यालय के ठीक बाजू में करीब 47 सालों से अनवरत संचालित होने वाली शासकीय प्राथमिक शाला कटंगी में अध्ययनरत बच्चोंं को इनदिनों पाठशाला में शिक्षा कम और बीमारी ज्यादा मिल रही है। बच्चों के साथ-साथ शिक्षक-शिक्षिकाएं भी बीमारी का शिकार हो रहे हैं। दरअसल, जो नगर परिषद पूरे शहर में गाना बजा-बजाकर स्वच्छता की अलख जगाने की कोशिश कर रही है, उसी नगर परिषद ने इस स्कूल को बीमारी का घर बना दिया है। ताजुब की बात तो यह है कि कई बार ध्यानाकर्षण कराने के बावजूद शिक्षा विभाग के अफसर, कलेक्टर और नेता सुध नहीं ले रहे हैं। जिसका खामियाजा नौनिहालों को भुगतना पड़ा रहा हैं। इस स्कूल में पढऩे वाले गरीब बच्चों के अभिभावक कहते हैं कि अगर कोई नेता या अफसर का बेटा इस गंदगी के बीच पढ़ाई करता तो शायद शाला परिसर का कायाकल्प होता। लेकिन उनका दुर्भाग्य है कि वह अपने बच्चों को इस स्कूल में पढ़़ाने के लिए मजबूर है।
जानकारी अनुसार नगर परिषद ने इस स्कूल परिसर को कबाडख़ाना बना दिया है। नपा अपने सभी वाहन स्कूल परिसर में खड़ा करते हैं। वहीं बारिश के पानी की निकासी नहीं होने से वाहनों की आवाजाही के बाद परिसर में कीचड़ फैल गया है। जिससे बच्चों को काफी परेशानी हो रही है। कीचड़ से दुर्गध फैल रही है। इस कारण कक्षा के भीतर बैठकर बच्चों का पढऩा और शिक्षकों को पढ़ाना मुश्किल हो गया है। शिक्षिकाओं ने बताया कि गंदगी की वजह से मच्छर एवं अन्य बरसाती कीट पनप रहे हैं जिनके काटने से बच्चे और शिक्षक-शिक्षिकाएं बीमार हो रहे हैं। शिक्षक बताते है कि गंदगी व कचरे के वाहनों के बीच से आवागमन करने से संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। कई बार स्कूली बच्चे परिसर में फैले कीचड़ से गिरकर घायल हो चुके हैं। उन्होनें बताया कि नगर परिषद के अधिकारियों से लेकर शिक्षा विभाग में अधिकारियों से शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हो पाई है।
१९७३ में हुई है स्थापना
विदित हो कि साल 1973 में इस स्कूल की स्थापना हुई थी। इस संस्था में अध्ययन करने वाले बुर्जुग बताते हंै कि तब स्कूल की हालत ठीक थी। लेकिन बदलते समय के साथ स्कूल पुराना होते चला गया। आज स्कूल की हालत बहुत ही खराब है। विद्यालय के बाहर गंदगी को देख कर साफ है कि विद्यालय कोई अधिकारी पहुंचता ही नहीं। विद्यालय भवन जर्जर हालत में है। दीवारों का रंग-रोगन उड़ चुका है। छत से पानी टपक रहा है और बारिश का पानी बरामदे में जमा हो जाता है। इस कारण बारिश के मौसम में अकसर पढ़ाई प्रभावित होती है और अधिक बारिश होने पर स्कूल की छुट्टी करनी पड़ती है। बीते कुछ वर्षो से यही क्रम चला आ रहा है। लेकिन इसके बावजूद अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।