स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

सोलर लाइट क्रय में घोटाला, सरपंच-सचिव पहुंचे जेल

Bhaneshwar Sakure

Publish: Aug 22, 2019 21:13 PM | Updated: Aug 22, 2019 21:13 PM

Balaghat

जिला पंचायत सीईओ ने भ्रष्टाचार सरपंच-सचिव को पहुंचाया जेल, ग्राम पंचायत लहंगाकन्हार का मामला

बालाघाट. सोलर लाइट क्रय करने में गबन करने वाले सरपंच-सचिव को आखिरकार जेल की हवा खानी पड़ रही है। ये भ्रष्टाचारी सरपंच-सचिव जिला पंचायत सीईओ के आदेश पर जेल पहुंचे हैं। दरअसल, जिले के ग्रामीण अंचलों में पंचायतों द्वारा मनमाने ढंग से सोलर लाइट क्रय किया गया है। जिसमें सरपंच-सचिवों ने सोलर लाइट के दाम से अधिक का बिल लगाकार संबंधित कंपनी को इसका भुगतान किया गया है। इस मामले में अलग-अलग पंचायतों की जांच की जा रही है। फिलहाल, सोलर लाइट क्रय मामले में भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर ग्राम पंचायत लहंगाकन्हार के सरपंच-सचिव को जिपं सीईओ के आदेश के बाद गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया है। आदिवासी अंचल की पंचायतों में सोलर लाइट क्रय करने के मामले में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है।
जानकारी के अनुसार जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी रजनी सिंह ने पंचायत राज अधिनियम के तहत जनपद पंचायत बैहर की ग्राम पंचायत लंहगाकन्हार के सरपंच-सचिव को अधिक से अधिक 30 दिनों के लिए या वसूली योग्य राशि जमा करने तक जेल में बंद रखने के आदेश दिए है।
ये है मामला
ग्राम पंचायत लहंगाकन्हार के सरपंच हिरलूसिंह धुर्वे और सचिव चंदन सिंह धुर्वे द्वारा 14 वें वित्त आयोग की राशि से सोलर लाइट क्रय करने में भारी अनियमितता की गई थी। जिस पर 6 जुलाई 2017 को सरपंच-सचिव को सोलर लाइट में व्यय राशि 3 लाख 50 हजार रुपए में से आधी राशि एक लाख 75 हजार रुपए का मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालाघाट के नाम से बैंक ड्राफ्ट बनाकर जमा करने और ड्राफ्ट की पावती जमा करने कहा गया था। लेकिन सरपंच-सचिव द्वारा यह राशि जमा नहीं की गई है। इस पर पंचायत राज अधिनियम की धारा 92 के तहत विहित प्राधीकारी अधिकारी रजनी सिंह के आदेश पर सरपंच-सचिव को गिरफ्तार कर लिया गया है और जिला जेल बालाघाट की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। जेल अधिकारी से कहा गया है कि वे इन दोनों सरपंच एवं सचिव को अधिक से अधिक 30 दिनों तक या वसूली की एक लाख 75 हजार रुपए की राशि जमा करने तक सिविल जेल में बंद रखें।
जिपं सीईओ रजनी सिंह ने जिन सरपंच-सचिवों से राशि की वसूली की जाना है, उन्हें चेतावनी दी है कि वे वसूली की राशि शीघ्र जमा करा दें। अन्यथा उन्हें भी जेल में बंद रखने की कार्रवाई की जाएगी।