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पुलिस शहीद स्मृति दिवस पर शहीदों को देंगे श्रद्धाजंलि

Bhaneshwar Sakure

Publish: Oct 20, 2019 20:40 PM | Updated: Oct 20, 2019 20:40 PM

Balaghat

जिले के 38 जवान हुए है शहीद

बालाघाट. अपने कर्तव्य के दौरान शहीद हुए परमवीरों की शौर्यगाथा को याद कर उन्हें श्रद्धाजंलि देने के लिए पुलिस स्मृृति दिवस का आयोजन २१ अक्टूबर को किया गया है। स्थानीय पुलिस लाइन में शहीद स्मारक स्थल पर पुलिस व जन शहीदों को श्रद्धाजंलि भी दी जाएगी। वहीं शहीदों के परिजनों का सम्मान भी किया जाएगा। इस कार्यक्रम पुलिस महानिरीक्षक बालाघाट जोन केपी वेंकाटेश्वर राव बतौर अतिथि शामिल होंगे। सुबह ९.१५ बजे शोक परेड होगी। शहीद नामावली सूची का पाठन, सलामी, श्रद्धाजंलि दी जाएगी। वहीं शहीदों के परिजनों का सम्मान किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार 60 वर्ष पूर्व 21 अक्टूबर 1959 को लद््दाख में भारत तिब्बत सीमा की सुरक्षा के लिए 'हॉट-स्पिं्रग' में तैनात केन्द्रीय पुलिस बल की तीसरी बटालियन की कंपनी के 21 जवानों का गस्तीदल गस्त कर रहा था। तभी चीनी फौज के एक बहुत बड़े दस्ते ने इस गस्ती टुकड़ी पर घात लगाकर आक्रमण कर दिया। तब पुलिस बल के मात्र 21 जवानों ने चीनी आक्रमणकारियों का डटकर मुकाबला किया। मातृृभूमि की रक्षा के लिए लड़ते हुए 10 जवान शहीद हो गए। तब से प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को ऐसे परमवीरों की शौर्यगाथा को याद कर उन्हें श्रद्धाजंलि देने के लिए पुलिस स्मृृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।
जिले में अब तक पुलिस के 38 जवानों ने कर्तव्य पथ पर समाज की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। जिसमें 16 जुलाई 1991 को थाना लांजी अंतर्गत सीतापाला घाघरा के जंगल में 10 वीं वाहिनी सागर के प्लाटून कमांडर मोहन लाल जखमोला, सेक्शन कमांडर प्रेमसिंह रावत, आरक्षक तारकेश्वर पाण्डे, आरक्षक अमलानंद कोटनाला, जगपाल सिंह, मोतीलाल, रामचरण, रविन्द्रनाथ द्विवेदी, श्रीकृृष्ण , 30 मई 1994 को ग्राम मंडवा, डोंगरिया थाना रूपझर के जंगल में आरक्षक बंजारीलाल मार्को, 30 जुलाई 1994 को थाना रूपझर अंतर्गत ग्राम नारंगी के पिपरनाला के पास 9 वीं वाहिनी विसबल रीवा के सेक्शन कमांडर करणसिंह, प्रधान आरक्षक बंशबहादुर प्रसाद, जागेश्वर प्रसाद पाण्डे, कन्हैया लाल, आरक्षक गंगाप्रसाद मिश्रा, देवेन्द्र कुमार, आरक्षक बैजनाथ सिंह परिहार, रमेश कुमार पाण्डे, राजेन्द्र प्रसाद द्विवेदी, लल्लूलाल कोल, शिवकुमार परते, जिला पुलिस बल के प्रधान आरक्षक बिहारी लाल श्रीवास, हनुमंत सिंह, आरक्षक फूलसिंह कुमरे, अर्जून सिंह यादव, आरक्षक(चालक) कृृष्णाबाबू, 27 मई 1998 को थाना लांजी अंतर्गत चौकी डाबरी के प्रधान आरक्षक मुन्नालाल बिसेन, 6 जुलाई 1998 को एएसपी रूपनारायण बंसल, एएसआई दंगल सिंह ठाकुर, 8 अक्टूबर 1998 को छग के जिला दन्तेवाड़ा के थाना बासागुड़ा में आरक्षक जगदीश दवंडे, जीतसिंह तेकाम, छन्नू लाल बिसेन, 3 दिसम्बर 1998 को थाना परसवाड़ा में ग्राम साले के जंगल में प्रधान आरक्षक सेदनलाल पटले, 21 अप्रैल 2000 को थाना लामता के सेरवी चरेगांव के जंगल में एसआई रक्षित शुक्ला, आरक्षक कोमल प्रसाद चौधरी, 1 जून 2005 को थाना रूपझर चौकी सोनगुड््डा अंतर्गत लालघाटी कुर्रेझोडी की बांसवाली घाटी पर आरक्षक राजेन्द्र प्रसाद उपाध्याय, ३ मई २००७ को थाना वारासिवनी ग्राम भंाडी के अंतर्गत आरक्षक छायाकिशोर घोरमारे, 22 सितम्बर 2010 टिकमीटोला में आरक्षक हरीशचंद्र राहंगडाले शहीद हुए।