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बोट्टे हजारी में वृहद पौध रोपण अभियान एवं कृषक संगोष्ठी का आयोजन

Mukesh Yadav

Publish: Sep 19, 2019 19:08 PM | Updated: Sep 19, 2019 19:08 PM

Balaghat

ग्राम बोट्टे हजारी में कृषि विज्ञान केन्द्र बडग़ांव बालाघाट द्वारा वृहद पौध रोपण अभियान एवं कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया।

बालाघाट. ग्राम बोट्टे हजारी में कृषि विज्ञान केन्द्र बडग़ांव बालाघाट द्वारा वृहद पौध रोपण अभियान एवं कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया। पूर्व कृषि मंत्री एवं विधायक बालाघाट गौरीशंकर बिसेन के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में बिसेन ने प्रधानमंत्री के संकल्प स्वच्छ भारत, स्वच्छ भारत, सुन्दर भारत की दोहराया। साथ ही पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली पॉलीथिन के उपयोग को नहीं करने की सलाह दी। इन्होंने पौध रोपण से होने वाले फायदें गिनाएं तथा पर्यावरण एवं जल संरक्षण के उपायों को अपनी कार्यशैली में लाने की बात कही। आपने बताया कि जब हम फल वृक्ष लगाते हैं तो हम नई अगली पीढ़ी को एक अमूल्य उपहार तो देते ही है, साथ ही वृद्धावस्था में ये पौधे पेंशन के रूप में फल प्रदान करते हैं। आपने जैविक खेती को अपनाने एवं बढ़ावा देने की बात कही।
कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ आरएल राऊत द्वारा प्रकृति के सरंक्षण हेतु कृषकों को अन्य फसलों के साथ फल वृक्ष एवं छायादार पौधों को लगाने हेतु प्रेषित किया। डॉ राऊत ने बताया कि मृदा स्वास्थ्य के सरंक्षण के लिए मिट्टी परीक्षण कराएं तथा मृदा स्वास्थ्य पत्रक के अनुसार अनुशंसित उर्वरकों का प्रयोग करें। कार्यक्रम में कृषि महाविद्यालय मुरझड़ फार्म बालाघाट के सहायक प्राध्यापक डॉ उत्तम बिसेन ने धान में लगने वाली कीटो एवं रोग को संक्षिप्त में बात की गई। इस कार्यक्रम में उपस्थित सहायक संचालक कृषि सीआ गौर के द्वारा कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया तथा धान की ऑनलाईन पंजीयन करने के बारे में किसानों को बताया कि धान विक्रय हेतु पंजीयन 16 सितम्बर से 16 अक्टूबर के बीच करा लें।
कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ एसआर धुवारे द्वारा आने वाली रबी मौसम की खेती चना एवं गेहूं के बारे में जानकारी प्रदान की। वैज्ञानिक डॉ बीके प्रजापति ने किसानों को कृषि वानिकी के बारे चर्चा करते हुए बताया कि एक मानव जीवन के लिए वृक्षों की कितनी भूमिका रहती है, उस पर समझाया गया। वैज्ञानिक डॉ एसके जाटव ने किसानों को कृषि में उन्नतशील बीजों के बारें में समझाया गया। इस कार्यक्रम में सुखलाल वास्केल, हेमंत राहंगडाले एवं जितेन्द्र मर्सकोले कार्यक्रम में किसानों को 1000 पौधों का वितरण किया गया। जिसमें अमरुद, कटहल, नीम, जामुन एवं नींबू के एक-एक पौधे प्रत्येक किसानों को दिए गए।
कार्यक्रम में उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक सीएस बिसेन द्वारा उद्यानिकी पौधो के महत्व की जानकारी दी एवं समझाया कि पौधा लगाने के साथ उसे बचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण हैं। इफको के जिला प्रबंधक गुर्जर ने उर्वरक प्रबंधन एवं जैविक खाद के खेती में अधिक प्रयोग कर बल दिया तथा इफको द्वारा किसानों की भलाई हेतु किए जा रहे कार्यो की जानकारी दी। कार्यक्रम में आत्मा समिति लालबर्रा के अध्यक्ष चन्द्रकिशोर बघेले द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा गांव में चलाए जा रहे प्रयोगों की जानकारी दी एवं कार्यक्रम के आयोजन हेतु केन्द्र के वैज्ञानिकों का आभार व्यक्त किया एवं मुख्य अतिथ के प्रति पर्यावरण के प्रति इस पहल में जागरूकता बढ़ाने हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया। मुख्य अतिथि बिसेन द्वारा ग्राम के मंदिर प्रांगण में कटहल के पौधे रोपित किए गए।