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भारत बंद का कटंगी में रहा मिलाजुला असर

Mukesh Yadav

Publish: Aug 21, 2019 20:36 PM | Updated: Aug 21, 2019 20:36 PM

Balaghat

बहुजन समाज के नेतृत्व में बंद का आयोजन-

कटंगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली के तुगलकाबाद में करीब 6 सौ साल पुराना संत रविदास का मंदिर तोड़े जाने के विरोध में बुधवार को भारत बंद का आयोजन किया गया। कटंगी में भी इस बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। बसपा के नेतृत्व में कटंगी बंद का आयोजन किया गया था। जिसके चलते आज सुबह से ही शहर में सन्नाटा छाया रहा और दोपहर तक तक सभी छोटी-बड़ी दुकानें बंद रही। हालाकिं दोपहर के बाद छोटी-छोटी दुकानें और गुमठियां शुरू हो गई थी। इस बंद के दौरान बस स्टैंड में सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने मंदिर तोड़े जाने की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी तथा इसके लिए केन्द्र सरकार को जिम्मेदार मानते हुए जमकर निशाना साधा। मंच से सभी वक्ताओं ने प्राचीन मंदिर को ध्वस्त करना गैर संगत बताया और कहा कि केन्द्र सरकार देश में उन्माद फैला रही है। वक्ताओं ने केन्द्र सरकार पर दबाव बनाते हुए मंच से घोषणा की कि जब तक गुरु रविदास मंदिर की पुन: स्थापना और मंदिर की जमीन वापस नहीं दी जाती तब तक अनुसूचित समाज शांत नहीं बैठेगा।
इस बंद में अमीरचंद छिपेश्वर, जिला पंचायत सदस्य शंकरलाल टांडेकर, अधिवक्ता संजय खोब्रागड़े, अधिवक्ता सुनील बेले, राजकुमार तरवरे, सुरेन्द्र गजभिए, किशन भोंडे, प्रंशात मेश्राम, रामकृष्ण परते, फुलसिंह परते, किशोर बिंझाड़े, डीएस कुभरे, देवराज पन्द्रे, डॉ फारूख अंसारी, अयाज भाई, डॉ तरूण हरिनखेड़े, दीपक चौधरी, सचिन मेश्राम, कपिल मेश्राम, हरिभ मराठे, सुभाष भवरे, महेश रामटेके, कपिल नागदेवे, कुनाल उके, मिथलेश वासनिक, आरडी गजभिए, संजू बर्वे, विनोद डहरवाल, प्रकाश बिन्झाड़े सहित बड़ी संख्या में संत रविदास के अनुयाई मौजूद रहे। बंद का आयोजन करने वाले लोगों ने बंद को सफल बनाने में मिले सहयोग के लिए सभी नागरिकों एवं सुरक्षा के लिहाज से तैनात पुलिस बल का आभार व्यक्त किया तथा तहसीलदार के नाम ज्ञापन सौंपा है।