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जलस्रोतों में किया गया कजलिया का विसर्जन

Bhaneshwar Sakure

Publish: Aug 16, 2019 20:33 PM | Updated: Aug 16, 2019 20:33 PM

Balaghat

हर्षोल्लास के साथ मनाया गया कजलिया पर्व

बालाघाट. रक्षाबंधन के दूसरे दिन शुक्रवार को भुजलियां विसर्जन कार्यक्रम पूरे जिले भर में धूमधाम के साथ उत्साह पूर्वक मनाया गया। प्राचीन परम्परानुसार आज भी रक्षाबंधन के आठ दिन पूर्व लोगों द्वारा घरों में भुजलियां बोया गया था और रक्षाबंधन के दूसरे दिन ढोल शहनाई की धुनों के साथ महिलाओं द्वारा नदियों व तालाब, नहर में धूमधाम से भुजलियां विसर्जन की गई। शहर में गायखुरी घाट, वैनगंगा पुल के नीचे, मोती तालाब, ढीमरटोला घाट के वैनगंगा नदी, इसी तरह वारासिवनी में कोष्टी मोहल्ले में धूमधाम से नाचते-गाते भुजलियां विसर्जन किया गया। इस दौरान वारासिवनी में मेला सा माहौल रहा।
शहर के वार्ड ३३ गायखुरी दुर्गाचौक में इस वर्ष भी भुजलियां विसर्जन करने महिलाएं भुजली लेकर एकत्रित हुई। महिलाओं ने गीत गाते हुए नव वधुओं के साथ भुजलियों की टोकरी के आस-पास चक्कर लगाया। इसके बाद एक साथ भुजली लेकर नदी पहुंच विसर्जन किया गया। वहीं वैवाहिक बंधन में बंधने वाली वधुओं ने दुल्हे के सेहरा को भी विसर्जित किया।
भुजलियां पर्व शहर के वार्ड नंबर ११ भटेरा रोड में भी किया गया। यहां भी बड़ी संख्या में महिलाओं व पुरुषों ने एकत्रित होकर भुजलिया बांटकर एक-दूजे को बंधाईयां दी। यहां की महिलाएं रामा यादव, रोशनी यादव, रीता यादव, कुसुम यादव इत्यादि ने बताया कि प्रतिवर्ष उनके यहां एक साथ मैत्री भाव से यह पर्व मनाया जाता है। इसके बाद गले मिलकर बंधाईयां दी जाती है।
शहर के समीपस्थ ग्राम कुम्हारी में भी भुजलिया विसर्जन धूमधाम से किया गया। यहां शरद लिल्हारे, निलेश बसेने सहित ग्राम की महिलाओं ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर स्थानीय तालाब में भुजलिया विसर्जित किया।