स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

संघर्ष और त्याग के प्रतीक थे बिरसा मुंडा

Mukesh Yadav

Publish: Nov 18, 2019 15:47 PM | Updated: Nov 18, 2019 15:47 PM

Balaghat

बाड़ारेव, खरपडिय़ा में उल्लास से मनाई बिरसा मुंडा जयंती

तिरोड़ी। आदिवासी जननायक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बिरसा मुंडा जी की 145 वीं जयंती धूमधाम एवं उल्लास के साथ मनाई गई। तिरोड़ी तहसील के आदिवासी बाहुल्या ग्राम बाड़ारेव एवं खरपडिय़ा में विविध प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के भी आयोजन हुए। आदिवासी समाज ने बिरसा मुंडा के छायाचित्र तथा प्रतिमाओं के सम्मुख एकत्रित होकर सामुहिक रुप से माल्यापर्ण कर पुष्पाजंलि अर्पित की। इस मौके पर आदिवासी चिंतकों ने कहा कि जननायक बिरसा मुंडा के विचार और संघर्ष से आदिवासी समाज को नई दिशा प्रदान की। समाज और देश के लिए बिरसा मुंडा के जो विचार है, उन्हें आज युवाओं को समझने और आत्मसात करने की आवश्यकता है।
बाड़ारेव में अध्यक्ष धनीराम मर्सकोले ने कहा कि बिरसा जी की जन्म स्थली झारखंड की राजधानी रांची से सटे अड़की प्रखंड का उलिहातू गांव है। जहां आज भी धरती आबा-बिरसा मुंडा के वंशज वास करते हैं। बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को यहां एक गरीब आदिवासी परिवार में हुआ था। उन्होंने आदिवासी संस्कृति को बचाने के लिए हमेशा काम किया। उन्होनें कम उम्र में ही अपने समाज के उत्थान और वंचितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष की राह को चुना था। गुलामी के दौर में अंग्रेजों द्वारा आदिवासियों पर अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई। देश को आजाद कराने के लिए अंग्रेजों के खिलाफ हुए आंदोलन में बिरसा मुंडा के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। इस दौरान सुभाष राउत, मनीलाल परते, दिनेश परते, हरिचंद उइके, युवराज परते, रवि सोनवाने सहित अन्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
खरपडि़य़ा में भी पूजे गए बिरसा मुंडा
खरपडि़य़ा में भी आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की जयंती मनाई गई। पूर्व सरपंच अनुप साकरे के मुख्य आतिथ्य तथा अमरलाल सलामे की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि ने कहा बिरसा मुंडा अंग्रेजों की फॉरेस्ट नीति के खिलाफ उनके धारदार आंदोलन को आज भी याद किया जाता है। आदिवासियों की जमीन हड़पने वाले कानून की मुखालफत करते हुए बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश सरकार को हिला दिया था। इस अवसर पर उपाध्यक्ष अरविंद सलामे, कोषाध्यक्ष विशाल उईके, सचिव लक्ष्मीचन्द मर्सकोले, संयोजक ओमप्रकाश टेकाम सहित अन्य मौजूद रहे।

[MORE_ADVERTISE1]