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कार्यों में लापरवाही बरतने पर पटवारियों पर होगी कार्रवाई

Bhaneshwar Sakure

Publish: Aug 22, 2019 21:18 PM | Updated: Aug 22, 2019 21:18 PM

Balaghat

कलेक्टर ने बैठक में राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की, प्रकरणों का समय-सीमा के भीतर निराकरण करने के निर्देश

बालाघाट. कलेक्टर दीपक आर्य ने गुरुवार को राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की और उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में जिपं सीईओ रजनी सिंह, सहायक कलेक्टर अक्षय तेम्रावाल, अपर कलेक्टर शिवगोविंद मरकाम, सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और जपं सीईओ मौजूद थे।
कलेक्टर ने बैठक में राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन के प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण करें। विशेषकर जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद रजिस्ट्री होने पर एक माह के भीतर उसका नामांतरण हो जाना चाहिए। जिले की किसी भी तहसील में रजिस्ट्री के बाद नामांतरण का प्रकरण एक माह से अधिक पुराना नहीं पाया जाना चाहिए। राजस्व अधिकारियों से कहा गया कि वे पटवारियों की कार्यों की सतत समीक्षा करें। प्राय: शिकायत मिलते रहती है कि पटवारी द्वारा भूमि स्वामी की मृत्यु के बाद फौती दर्ज नहीं गई है। बिना किसी कारण के फौती दर्ज नहीं करने पर पटवारी के विरूद्ध कार्रवाई करें।
कलेक्टर ने निर्देशित किया प्राकृतिक आपदा से मृत्यु के प्रकरणों में राहत राशि के प्रकरण त्वरित गति से तैयार करें। जिससे पीडि़त परिवार को सहायता राशि का शीघ्र वितरण किया जा सके। उन्होंने हाल के दिनों में कुएं में जहरीली गैस से मृत्यु के मामलों में अब तक प्रकरण तैयार नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि ऐसे कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होना चाहिए। राजस्व अधिकारियों को विभिन्न राजस्व मदों की कड़ाई से वसूली करने कहा गया। इसी प्रकार आरआरसी दायर प्रकरणों में वसूली के लिए कुर्की व नीलामी की कार्रवाई करने कहा गया। बैठक में जपं सीईओ को निर्देशित किया गया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान पंचायत के कार्यों का निरीक्षण करने के साथ ही गांव के स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्रों और स्वास्थ्य केन्द्रों का भी निरीक्षण करें। गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य की सेवाओं का लाभ आम जनता तक पहुंच रहा है या नहीं यह भी देखें। जिन पंचायतों के सरपंच-सचिवों से शासकीय राशि की वसूली की जाना है, उनसे बकाया राशि वसूली के लिए तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है। जो सरपंच-सचिव वसूली की राशि जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई करने कहा गया है।